Korba BJP Sabhapati Election: मुश्किल में मंत्री लखनलाल देवांगन!.. भाजपा ने बनाई 3 सदस्यों वाली जांच समिति, 7 दिनों के भीतर पेश करेंगे रिपोर्ट, देखें लेटर

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मंत्री लखन लाल देवांगन ने नोटिस का जवाब भी दे दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन में अनुशासन का बड़ा महत्व है और पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

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  • Publish Date - March 11, 2025 / 03:54 PM IST,
    Updated On - March 11, 2025 / 04:57 PM IST

Notice to Minister Lakhanlal Dewangan || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के बयान पर BJP सख्त, जांच समिति गठित
  • BJP ने श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन को नोटिस जारी कर मांगा स्पष्टीकरण
  • अनुशासनहीनता पर BJP की सख्ती, 7 दिन में जांच समिति सौंपेगी रिपोर्ट

Notice to Minister Lakhanlal Dewangan: रायपुर: कोरबा में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा बागी प्रत्याशी के पक्ष में बयान देने का मामला तूल पकड़ चुका है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जांच समिति गठित की है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को इस तीन सदस्यीय समिति का संयोजक बनाया गया है। वहीं, पूर्व विधायक रजनीश सिंह और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीनिवास राव मद्दी को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति को 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। 

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श्रम मंत्री को संगठन का नोटिस

इस मामले में BJP ने श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन को नोटिस जारी किया है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है, इसलिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

Notice to Minister Lakhanlal Dewangan: मंत्री लखन लाल देवांगन ने नोटिस का जवाब भी दे दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन में अनुशासन का बड़ा महत्व है और पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

क्या है मामला?

कोरबा नगर निगम के सभापति चुनाव में हाल ही में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। भाजपा के पास पर्याप्त संख्याबल होने के बावजूद उनके अधिकृत उम्मीदवार हितानंद अग्रवाल को करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पार्टी के खिलाफ बगावत कर चुनाव लड़ने वाले नूतन सिंह ठाकुर ने जीत हासिल कर सभापति की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया।

इस नतीजे से भाजपा की जमकर किरकिरी हुई। अब पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए नूतन सिंह ठाकुर को निष्कासित कर दिया है। पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे कि बगावत करने वाले पार्षद पर भाजपा जल्द ही सख्त कदम उठा सकती है।

भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार को मिली हार

सभापति चुनाव के लिए भाजपा ने बालको क्षेत्र के पार्षद हितानंद अग्रवाल को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया था। कोरबा नगर निगम में कुल 67 पार्षद हैं, जिनमें भाजपा के 45, कांग्रेस के 11 और 11 निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। भाजपा को पूरी उम्मीद थी कि महापौर पद पर शानदार जीत के बाद सभापति पद भी उनके खेमे में जाएगा।

हालांकि, नूतन सिंह ठाकुर ने बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा की रणनीति को पूरी तरह विफल कर दिया। मतदान के दौरान नूतन सिंह ठाकुर को 33 वोट मिले, जबकि हितानंद अग्रवाल सिर्फ 18 वोट ही प्राप्त कर सके। इसके अलावा, चुनाव में एक अन्य उम्मीदवार अब्दुल रहमान भी मैदान में थे, जिन्हें 16 मत मिले।

श्रम मंत्री को नोटिस

इस पूरे मामले में जहां बागी उम्मीदवार को भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया, वहीं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने उसी बागी उम्मीदवार को सभापति चुनाव में जीत की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। देवांगन ने कहा, ”मैं नूतन सिंह को कोरबा नगर निगम के सभापति चुने जाने पर बधाई देना चाहता हूं। वह भाजपा पार्षद चुने गए थे। पार्टी ने इस पद के लिए हितानंद अग्रवाल को अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन हमारे पार्षदों ने एकजुट होकर नूतन जी का सर्वसम्मति से समर्थन किया। हम उनके फैसले को स्वीकार करते हैं।’’

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इसी बधाई संदेश के बाद भाजपा ने मंत्री लखन लाल देवांगन को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा था।

1. लखन लाल देवांगन ने किस बयान के कारण विवाद खड़ा हुआ?

लखन लाल देवांगन ने बागी प्रत्याशी के पक्ष में बयान दिया, जिससे पार्टी में अनुशासन का मुद्दा उठा।

2. BJP ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?

BJP ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है और श्रम मंत्री को नोटिस जारी किया है।

3. जांच समिति में कौन-कौन सदस्य हैं?

समिति के संयोजक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल हैं, जबकि रजनीश सिंह और श्रीनिवास राव मद्दी सदस्य हैं।

4. मंत्री लखन लाल देवांगन ने नोटिस का क्या जवाब दिया?

उन्होंने नोटिस का जवाब पार्टी को सौंप दिया है, लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

5. जांच समिति को कब तक रिपोर्ट सौंपनी है?

समिति को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।