Mahasamund Nagar Palika News : अगर आपने भी नहीं भरा है टैक्स तो हो जाएं सावधान! रसूखदारों को सुधारने के लिए नगर पालिका ने निकाला ये अनोखा तरीका

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Bagbahara नगर पालिका ने टैक्स वसूली के लिए ‘नेम एंड शेम’ फॉर्मूला अपनाया है। बकायादारों के नाम सार्वजनिक होते ही शहर में हलचल मच गई।

Mahasamund Nagar Palika News / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • Bagbahara नगर पालिका की आर्थिक हालत बेहद खराब
  • टैक्स बकायादारों के नाम सार्वजनिक किए गए
  • शहर में होर्डिंग्स लगाकर शुरू किया गया अभियान

महासमुंद: Bagbahara Nagar Palika News छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नगर पालिकाओं की माली हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब वे कंगाली की कगार पर पहुँच गई हैं। संपत्ति कर, जलकर और कचरा कलेक्शन शुल्क जैसे बुनियादी राजस्व की वसूली न होने के कारण निकायों का डब्बा गोल है। इस आर्थिक तंगी से निपटने के लिए बागबाहरा नगर पालिका ने अब एक बेहद कड़ा और अनोखा रास्ता अख्तियार किया है “नेम एंड शेम” (Name and Shame)। प्रशासन ने अब उन बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक करने शुरू कर दिए हैं, जो सालों से टैक्स दबाकर बैठे थे।

कंगाली के दलदल में फंसा निकाय

नगर पालिका के पास फंड की इतनी भारी कमी है कि कर्मचारियों को कई-कई महीनों से वेतन तक नसीब नहीं हो रहा है। राजस्व के अभाव में शहर के विकास कार्य, सौंदर्यीकरण और मेंटेनेंस के काम पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। रसूखदार उद्योगपति, रसूख वाले व्यापारी और प्रभावशाली राजनेता सालों से नगर पालिका कर्मियों को चक्कर कटवा रहे थे, लेकिन टैक्स जमा नहीं कर रहे थे।

बागबाहरा का आर-पार वाला फार्मूला

जब मिन्नतें काम नहीं आईं, तो बागबाहरा नगर पालिका ने बकायादारों की सामाजिक इज्जत पर चोट करने का फैसला लिया। नगर पालिका ने शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवा दिए हैं, जिनमें प्रमुख बकायादारों के नाम साफ-साफ लिखे गए हैं। पहली बार आजमाए गए इस तरीके से पूरे नगर पालिका क्षेत्र में खलबली मची हुई है। दिलचस्प बात यह है कि अपनी साख बचाने के डर से अब बड़े-बड़े रसूखदार खुद ही टैक्स जमा करने दफ्तर पहुँच रहे हैं, जिससे यह उपाय बेहद कारगर साबित हो रहा है।

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यह मामला कहाँ का है?

यह मामला Bagbahara नगर पालिका क्षेत्र का है।

नगर पालिका ने क्या नया कदम उठाया?

बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक कर होर्डिंग्स लगाए गए।

यह कदम क्यों उठाया गया?

राजस्व की भारी कमी और टैक्स वसूली न होने के कारण।