Reported By: Dhananjay Tripathi
,Mahasamund Nagar Palika News / Image Source : FILE
महासमुंद: Bagbahara Nagar Palika News छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नगर पालिकाओं की माली हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब वे कंगाली की कगार पर पहुँच गई हैं। संपत्ति कर, जलकर और कचरा कलेक्शन शुल्क जैसे बुनियादी राजस्व की वसूली न होने के कारण निकायों का डब्बा गोल है। इस आर्थिक तंगी से निपटने के लिए बागबाहरा नगर पालिका ने अब एक बेहद कड़ा और अनोखा रास्ता अख्तियार किया है “नेम एंड शेम” (Name and Shame)। प्रशासन ने अब उन बड़े बकायादारों के नाम सार्वजनिक करने शुरू कर दिए हैं, जो सालों से टैक्स दबाकर बैठे थे।
नगर पालिका के पास फंड की इतनी भारी कमी है कि कर्मचारियों को कई-कई महीनों से वेतन तक नसीब नहीं हो रहा है। राजस्व के अभाव में शहर के विकास कार्य, सौंदर्यीकरण और मेंटेनेंस के काम पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। रसूखदार उद्योगपति, रसूख वाले व्यापारी और प्रभावशाली राजनेता सालों से नगर पालिका कर्मियों को चक्कर कटवा रहे थे, लेकिन टैक्स जमा नहीं कर रहे थे।
जब मिन्नतें काम नहीं आईं, तो बागबाहरा नगर पालिका ने बकायादारों की सामाजिक इज्जत पर चोट करने का फैसला लिया। नगर पालिका ने शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवा दिए हैं, जिनमें प्रमुख बकायादारों के नाम साफ-साफ लिखे गए हैं। पहली बार आजमाए गए इस तरीके से पूरे नगर पालिका क्षेत्र में खलबली मची हुई है। दिलचस्प बात यह है कि अपनी साख बचाने के डर से अब बड़े-बड़े रसूखदार खुद ही टैक्स जमा करने दफ्तर पहुँच रहे हैं, जिससे यह उपाय बेहद कारगर साबित हो रहा है।
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