Samvida Employee News: प्रदेश के संविदा और आउटसोर्स को 31 मार्च के बाद नौकरी से निकालने का आदेश, इस विभाग के हजारों कर्मचारी एक साथ हो जाएंगे बेरोजगार

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Samvida Employee News MP: प्रदेश के संविदा और आउटसोर्स को 31 मार्च के बाद नौकरी से निकालने का आदेश, इस विभाग के हजारों कर्मचारी एक साथ हो जाएंगे बेरोजगार

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  • Publish Date - March 29, 2026 / 01:58 PM IST,
    Updated On - March 29, 2026 / 01:59 PM IST

Samvida Employee News MP: प्रदेश के संविदा और आउटसोर्स को 31 मार्च के बाद नौकरी से निकालने का आदेश, इस विभाग के हजारों कर्मचारी एक साथ हो जाएंगे बेरोजगार | Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं समाप्त
  • 31 मार्च 2026 तक ही ली जाएगी अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं
  • कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर हटने से स्कूलों में डिजिटल शिक्षा पर संकट

भोपाल: Samvida Employee News MP शिक्षा विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग स्कूलों में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आदेश जारी किया है। शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जारी आदेश में प्रदेश में पदस्थ अतिथि शिक्षक के तौर पर पदस्थ थे स्पेशल एजुकेटर और अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 31 मार्च के बाद समाप्त किए जाने का निर्देश दिया गया है।

संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आदेश

Samvida Employee News MP लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से आदेश में कहा गया है कि ”वर्ष 2026-27 के लिए समग्र शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति के संबंध में भारत सरकार से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नही हुए। अतः ऐसी स्थिति में विगत वर्ष 2025-26 द्वारा स्वीकृत राशि माह- मार्च 2026 तक के लिए उपलब्ध होने के कारण अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं दिनांक 31.03.2026 तक ली जा सकेंगी। संदर्भित पत्र से शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 30.04.2026 तक लेने हेतु आदेशित किया गया था। उक्त संदर्भित पत्र पैरा-1 के आधार पर तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। दिनांक 31/03/2026 के पश्चात किसी भी विद्यालय में स्पेशल एजुकेटर कार्यरत होगा तो इसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित संस्था प्राचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी का होगा।

डिजिटल शिक्षा पर संकट

शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद हायर सेकेंडरी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है। बता दें कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में लगभग 100 कंप्यूटर लैब हैं। कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर को हटाने के बाद बड़ा सवाल हाई सेकेंडरी स्कूलों में अब कंप्यूटर और दूसरी टेक्निकल चीजों का कौन देखभाल करेगा।

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MP Education News में स्पेशल एजुकेटर को क्यों हटाया गया है?

शिक्षा विभाग के अनुसार शिक्षा अभियान की स्वीकृति को लेकर भारत सरकार से दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण यह फैसला लिया गया है।

स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं कब तक ली जाएंगी?

अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 31 मार्च 2026 तक ही ली जाएंगी।

क्या पहले 30 अप्रैल तक सेवाएं लेने का आदेश था?

हाँ, पहले 30 अप्रैल 2026 तक सेवाएं लेने का आदेश जारी हुआ था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।

स्पेशल एजुकेटर हटने से किस पर असर पड़ेगा?

इस फैसले से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और डिजिटल शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

31 मार्च के बाद स्पेशल एजुकेटर मिलने पर जिम्मेदार कौन होगा?

ऐसी स्थिति में स्कूल के प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे।