(Vedanta Demerger/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Vedanta Demerger: देश की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड अब 5 लिस्टेड कंपनियों में बंटने जा रही है। कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया कि यह डिमर्जर अगले महीने पूरा हो सकता है। इस योजना को दिसंबर 2025 में ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिल चुकी है। पिछले कई वर्षों से इस रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर चर्चा चल रही थी, जो अब हकीकत बनने जा रही है।
डिमर्जर के बाद कुल 5 अलग-अलग कंपनियां बनेंगी। पहली कंपनी का नाम वेदांता लिमिटेड ही रहेगा, जो मेटल बिजनेस संभालेगी। बाकी कंपनियों में वेदांता एल्युमिनियम, Talwandi Sabo Power, वेदांता स्टील एंड आयरन और माल्को एनर्जी शामिल होंगी। सबसे खास बात यह है कि पैरेंट कंपनी इन सभी में 50% से ज्यादा हिस्सेदारी अपने पास रखेगी, जिससे नियंत्रण बना रहेगा।
वेदांता का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी अपने कर्ज को कम करने की कोशिश कर रही है। अनिल अग्रवाल के अनुसार, डिमर्जर के बाद पांचों कंपनियों पर कुल कर्ज लगभग 7 अरब डॉलर रहेगा। इस बंटवारे से हर यूनिट को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी ग्रोथ बेहतर हो सकती है और वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
| विवरण | आंकड़ा |
| वर्तमान कीमत | ₹649.30 |
| बदलाव | ₹−20.35 (−3.04%) |
| ओपन | ₹655.45 |
| हाई | ₹666.70 |
| लो | ₹648.05 |
| मार्केट कैप | ₹2.41 लाख करोड़ |
| P/E रेशियो | 18.04 |
| 52-वीक हाई | ₹769.80 |
| 52-वीक लो | ₹363.00 |
| डिविडेंड यील्ड | 6.55% |
| तिमाही डिविडेंड | ₹10.63 |
अनिल अग्रवाल का मानना है कि यह डिमर्जर शेयरहोल्डर्स के लिए ज्यादा वैल्यू बनाएगा। वर्तमान में कंपनी का मार्केट वैल्यू करीब 27 अरब डॉलर है, जिसे अगले 5 साल में दोगुना होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि शुक्रवार को कंपनी का शेयर 3% से ज्यादा गिरकर 649.30 रुपये पर बंद हुआ। इसके बावजूद पिछले एक साल में शेयर में करीब 27% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।