4 साल से गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण, जिला मुख्यालय के पास बसे होने का भी नहीं मिल रहा फायदा
4 साल से गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण, जिला मुख्यालय के पास बसे होने का भी नहीं मिल रहा फायदा Villagers struggling with water shortage in summer for 4 years
Villagers struggling with water shortage in summer for 4 years
Villagers struggling with water shortage in summer for 4 years: महासमुंद। गर्मी का मौसम शुरु होते ही महासमुंद जिले के ग्रामीण इलाको में पेयजल, निस्तारी के पानी की किल्लत शुरू हो जाती है । ताजा मामला ग्राम भलेसर का है, जहां पिछले चार वर्षो से गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत हो जाती है और महिलाओं को 200 से 500 मीटर दूर से जाकर पानी लाना पडता है। इस मामले की शिकायत ग्रामीण उच्च अधिकारियों से करके थक चुके है पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यही कारण है कि ग्रामीण अब उग्र होते हुए पानी की समस्या से निजात नहीं मिलने पर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दे रहे है।
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महासमुंद मुख्यालय से महज 5 किमी की दूरी पर बसा है ग्राम पंचायत भलेसर की आबादी लगभग ढाई हजार के आसपास है । ग्राम भलेसर के वार्ड क्रंमाक 10 , 11 ,12 ,13 ,14 में चार हैण्डपंप व दो बोर हैं, जिसमें से चारो हैण्ड पंप खराब हैं। हैण्ड पंप का ऊपर का हिस्सा निकालकर बोरे से बांध दिया गया है । दो बोर में से एक चालू है । तालाब सूखने के कगार पर है इसलिए एक बोर से तालाब में पानी भरने का प्रयास किया जा रहा है । नल जल योजना के तहत छोटी- छोटी टंकिया बनी है और नल लगे है, पर पानी के अभाव मे टंकी से पानी नहीं आता है।
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लिहाजा ग्रामीणो को पानी के लिए दो सौ से पांच सौ मीटर दूर जाकर अन्य स्रोतों के माध्यम से पानी लाना पड़ रहा है । जिसके कारण महिलाओ और बच्चो का अधिकांश समय बर्बाद हो जा रहा है । विडंबना है कि जल जीवन मिशन के तहत सालभर पहले गांव मे 90 हजार लीटर की ओवरहेड टंकी बनाई गयी है और प्रत्येक घरो मे नल के कनेक्शन दिये गये है ,पर ग्रामीणो को पानी आज तक नसीब नही हुआ । ग्रामीण पानी की किल्लत से परेशान होकर अब कलेक्टर से फरियाद कर रहे है साथ ही चेतावनी भी दे रहे है कि एक हफ्ते मे पानी की समस्या से निजात नही मिला तो कलेक्टोरेट कार्यालय का घेराव करेंगे।
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इस पूरे मामले मे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रभारी कार्यपालन अभियंता रटारटाया राग अलाप रहे है । गौरतलब है कि जिले मे 12373 हैंडपंप लगे है जिसमे से 176 हैडपंप खराब है और जिले मे 1206 पावर पंप है जिनमे से 43 पंप खराब है । बहरहाल गर्मी सीजन के शरुआती दौर मे ये हाल है तो जब भीषण गर्मी पडेगी तब क्या हाल होगा ? ये एक बडा सवाल है और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आखिर क्या कदम उठाता है ये देखने वाली बात होगी।

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