पांडुलिपियां हमारी पहचान और गौरव हैं, इनके संरक्षण के लिए आगे आएं: साय

पांडुलिपियां हमारी पहचान और गौरव हैं, इनके संरक्षण के लिए आगे आएं: साय

पांडुलिपियां हमारी पहचान और गौरव हैं, इनके संरक्षण के लिए आगे आएं: साय
Modified Date: April 11, 2026 / 09:29 pm IST
Published Date: April 11, 2026 9:29 pm IST

रायपुर, 11 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोगों से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार साय ने कहा, “हमारी पांडुलिपियां हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।”

साय ने कहा, “केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान के तहत देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण करके उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य किया जा रहा है।”

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज करके इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।”

भाषा संजीव जोहेब

जोहेब


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