रायपुर। जिस छत्तीसगढ़ राज्य में 90 विधानसभा सीट में से बीजेपी के पास 15 सीट भी न हो। क्या वहां चुनौती नहीं है। केंद्र में मोदी सरकार और राज्य में 15 साल के शासन की लेगसी के बावजूद यहां कांग्रेस ने एकतरफा 70 सीट जीत कर सत्ता में आईं। क्या इसे बीजेपी चुनौती नहीं मानते हैं और दूसरा सवाल ये भी बीजेपी कैसे दावा कर रही है कि परमानेंट सत्ता में आएगी। ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि डी पुरंदेश्वरी की जगह प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ दौरे पर आए ओम माथुर ने छत्तीसगढ़ को चुनौती ही नहीं माना है।
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छत्तीसगढ़ बीजेपी के नए प्रदेश प्रभारी ओम माथुर जिन्होनें 3 महीने पहले ही डी पुरंदेश्वरी की जगह जिम्मेदारी संभाली है। प्रभार संभालने के बाद ओम माथुर सोमवार को पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंचे। जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट पर ही मीडिया से बात करते हुए ओम माथुर ने दावा किया कि बीजेपी के लिए छत्तीसगढ़ कोई चुनौती है ही नहीं और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में बीजेपी जीतेगी और परमानेंट सत्ता में रहेगी।
ओम माथुर ने हुंकार भरी तो सीएम भूपेश बघेल ने पलटवार किया कि बीजेपी को 2018 में भी चुनौती नहीं लगती थी। रिजल्ट सबने देखा।
फिलहाल आगामी विधानसभा चुनाव में 10 महीने का वक्त है। लेकिन बीजेपी प्रभारी ओम माथुर के दावे ने प्रदेश का माहौल गर्मा दिया है। अब सवाल है कि बीजेपी के नए प्रभारी के दावे का आधार क्या है। आखिर 14 सीटों में सिमटी बीजेपी कैसे दावा कर कर रही है कि छत्तीसगढ़ कोई चुनौती है ही नहीं। वैसे विधानसभा चुनाव से पहले भानुप्रतापपुर उपचुनाव का दंगल होना है। ऐसे में उपचुनाव के नतीजे बताएंगे कि किसकी राह मुश्किल है, और किसी आसान?