Badri Thati Padma Shri : बस्तर के जंगलों से ‘पद्म श्री’ तक का सफर! कौन हैं बद्री थती जिन्हें केंद्र सरकार देने वाली है ‘पद्म श्री’ पुरस्कार? सादगी ऐसी कि जानकर रह जाएंगे हैरान

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने पद्म श्री पुरस्कार 2026 की घोषणा की है। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बद्री थती और रामचन्द्र–सुनीता गोडबोले दंपति को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा, जिससे प्रदेश में खुशी की लहर है।

Badri Thati Padma Shri : बस्तर के जंगलों से ‘पद्म श्री’ तक का सफर! कौन हैं बद्री थती जिन्हें केंद्र सरकार देने वाली है ‘पद्म श्री’ पुरस्कार? सादगी ऐसी कि जानकर रह जाएंगे हैरान

Badri Thati Padma Shri / Image Source : ANI

Modified Date: January 25, 2026 / 06:14 pm IST
Published Date: January 25, 2026 5:20 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पद्म श्री 2026 के लिए छत्तीसगढ़ से बद्री थती और गोडबोले दंपति का चयन।
  • बद्री थती को आदिवासी कल्याण और सामाजिक सेवा के लिए सम्मान।
  • रामचन्द्र और सुनीता गोडबोले को चिकित्सा/समाज सेवा में योगदान के लिए संयुक्त रूप से पुरस्कार।

रायपुर : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बड़ी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए ‘पद्म श्री’ पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है, जिसमें देशभर की 54 हस्तियों के साथ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का दबदबा देखने को मिला है। छत्तीसगढ़ से सामाजिक सेवा के क्षेत्र में बद्री थती और रामचन्द्र और सुनीता गोडबोले की जोड़ी को प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान से नवाजा जाएगा।

सामाजिक सेवा में बद्री थती का परचम

छत्तीसगढ़ से बद्री थती को उनके निस्वार्थ सामाजिक कार्यों के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने ‘सामाजिक कार्य’ की श्रेणी में अपने उत्कृष्ट योगदान दिया है। Padma Shri 2026  उनके इस चयन से प्रदेश में हर्ष की लहर है। इसी कड़ी में एक और संयुक्त नाम रामचन्द्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले का है। इस दंपति को संयुक्त रूप से पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। चिकित्सा या समाज सेवा में उनके वर्षों के कठिन परिश्रम और समर्पण को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस सम्मान की घोषणा की है।

कौन है बद्री थती?

बद्री थती छत्तीसगढ़ के बस्तर के दंतेवाड़ा जिले की सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासियों के कल्याण, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए काम किया है। Badri Thati Padma Shri बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में वह गांधीवादी मूल्यों के साथ काम करती हैं। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ एक लंबी लड़ाई लड़ी है। स्थानीय स्तर पर वे अपनी सादगी और निस्वार्थ सेवा के लिए जानी जाती हैं।

15 साल से शुरू किया था काम

आपको बता दें बद्री थती ने 15 साल की उम्र से समाज सेवा का काम शुरू किया था। उन्होंने बस्तर की महिलाओं में जागरूकता फैलाने से लेकर उन्हें शिक्षित करने का काम किया है। बद्री थती वृद्ध आश्रम, अनाथ आश्रम जैसी संस्थाएं चलाती हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्होंने 545 गांवों में पदयात्रा की है, साथ ही इन्हें डॉक्टर की भी उपाधि दी गई है लोग उन्हें बड़ी दीदी के नाम से जानते है ।

22 पुरस्कारों से सम्मानित

बद्री थती की उम्र लगभग 55–60 वर्ष के बीच बताई जा रही है। अब तक वह 22 पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं, जिसमें 3 राष्ट्रीय पुरस्कार शामिल हैं। अब उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।

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लेखक के बारे में

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