शहमात The Big Debate: रोहिंग्या, घुसपैठ और बयान, आरोप.. सवाल.. घमासान! ‘बंग विजय’ के साइड इफेक्ट जारी, क्या कांग्रेस की ये मांग मानेगी सरकार? देखिए वीडियो

रोहिंग्या, घुसपैठ और बयान, आरोप.. सवाल.. घमासान! 'बंग विजय' के साइड इफेक्ट जारी, Politics in Chhattisgarh over Rohingyas-infiltration

शहमात The Big Debate: रोहिंग्या, घुसपैठ और बयान, आरोप.. सवाल.. घमासान! ‘बंग विजय’ के साइड इफेक्ट जारी, क्या कांग्रेस की ये मांग मानेगी सरकार? देखिए वीडियो

Reported By: Rajesh Mishra,
Modified Date: May 7, 2026 / 11:56 pm IST
Published Date: May 7, 2026 11:56 pm IST

रायपुरः Politics in Chhattisgarh बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद अब छत्तीसगढ़ में घुसपैठ और रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे को लेकर सियासत गर्म हो गई है। विपक्ष कहता है कि हर चुनाव में इसे मुद्दा बनाने वाली बीजेपी को सरकार बनने के ढाई साल बाद प्रदेश में रोहिंग्या मुसलमान और घुसपैठ पर एक व्हाइट पेपर जारी कर अधिकृत तौर पर बताना चाहिए कि प्रदेश में क्या स्थिति है? बीजेपी कहती है कांग्रेस ने अपने चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर इन्हें प्रदेश में पनाह दी। हालांकि सरकार बनने के बाद प्रदेश के कुछ जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या की पहचान को लेकर अभियान भी चला और कईयों को राज्य से खदड़ने का दावा भी हुआ

प्रदेश के गृहमंत्री ने बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की पूर्ववर्ती भूपेश सरकार पर निशाना साधा। डिप्टी CM के इस बयान पर कांग्रेस ने अब सरकार से सीधे-सीधे घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि रोहिंग्या मुसलमानों की देश में घुसपैठ को मुद्दा बनाकर बीजेपी हमेशा राजनीतिक प्रोपेगेंडा पूरा करती है। चुनाव आते ही इस मुद्दे को हवा देती है और चुनाव के बाद सब हवा। पूर्व PCC चीफ धनेंद्र साहू ने सरकार पूछा अब तक कितने घुसपैठियों की पहचान हुई। कितनों पर कार्रवाई हुई और कितनों को बाहर भेजा गया? जवाब में मोर्चा संभाला बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि मौजूदा साय सरकार केवल घुसपैठिेए ही नहीं उन्हें संरक्षण देने वालों से भी सख्ती से निपटेगी।

प्रदेश के गृहमंत्री के मुताबिक पं. बंगाल के रास्ते ही देश-प्रदेश में रोहिंग्या घुसपैठ करते हैं। विपक्षी दल कांग्रेस का वोटबैंक बनते हैं, फैलकर डेमोग्राफिक चेंज का प्रयास करते हैं। इसी पर विपक्ष मांग कर रहा है कि सरकार इस बावत श्वेतपत्र दे। सवाल ये कि क्या प्रदेश में रोहिंग्या और घुसपैठ को प्रदेश के चुनाव में सियासी हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया या वाकई इसका ठोस डेटा या सबूत है?


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।