Raigarh Afeem Kheti: दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब इस जिले में पकड़ाई अफीम की खेती, लंबे समय से चल रहा था खेल, पुलिस पहुंचते ही मचा हड़कंप

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Raigarh Afeem Kheti: दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब इस जिले में पकड़ाई अफीम की खेती, लंबे समय से चल रहा था खेल, पुलिस पहुंचते ही मचा हड़कंप

Raigarh Afeem Kheti | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • रायगढ़ जिले के लैलूंगा में तीन किसानों के खेतों में अफीम की खेती का खुलासा
  • ग्रामीणों ने पौधों में फूल देखकर पुलिस को सूचना दी
  • प्रशासनिक टीम ने साधुराम नागवंशी, जगतराम और अभिमन्यु नाग के खेतों में अफीम की खेती की पुष्टि की

लैलूंगा: Raigarh Afeem Kheti धान का कटोरा कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ इन दिनों अफीम की खेती को लेकर बेहद सुर्खियों में बना हुआ है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आ रहा है। इसी कड़ी में खबर आ रही रायगढ़ जिले के लैलूंगा में भी अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है।

Raigarh Afeem Kheti News मिली जानकारी के अनुसार, लैलूंगा के ग्राम घटगांव मैं तीन अलग-अलग किसानों के खेत में अफीम की फसल पाई गई है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने अफीम के पौधे में फूल लगा देखा, इसके बाद उन्हें अफीम की जानकारी हुई और उन्होंने लैलूंगा पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद लैलूंगा पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची हुई है, और मामले की जांच की जा रही है।

प्रथम दृष्टिया अफीम के पौधों की पुष्टि कर ली गई है। बताया जा रहा है कि गांव के साधुराम नागवंशी ने 10 डिशमिल खेत में अफीम के पौधे उगाए थे। जांच के लिए गई पुलिस की टीम को दो अन्य किसानों के खेत में भी अफीम के पौधे होने की जानकारी मिली, इसके बाद जांच में गांव के ही दो अन्य किसान जगतराम की 2 डिशमिल, और अभिमन्यु नाग की 15 डिशमिल जमीन में अफीम की खेती पाई गई है। फिलहाल प्रशासनिक टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

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अफीम की खेती कहाँ पाई गई है?

रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम घटगांव में।

कितने किसानों के खेत में अफीम की फसल मिली?

तीन किसानों – साधुराम नागवंशी, जगतराम और अभिमन्यु नाग के खेतों में।

ग्रामीणों को अफीम की जानकारी कैसे हुई?

पौधों में फूल देखकर ग्रामीणों ने पहचान की और पुलिस को सूचना दी।