Online Attendance CG Schools: स्कूलों में मात्र 30 फ़ीसदी शिक्षक ही लगा रहे ऑनलाइन अटेंडेंस, सामने आ रहे ये बहाने, नहीं रहा कार्रवाई का खौफ
Online Attendance CG schools : जानकर हैरत होगी कि जिले में सिर्फ 30 फ़ीसदी शिक्षक की डिजिटल अटेंडेंस दे रहे हैं। कुछ शिक्षक मोबाइल नहीं होने का तो कुछ नेटवर्क का बहाना बना रहे हैं। बावजूद शिक्षा विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
Online Attendance CG schools, image source: ibc24
- रायगढ़ जिले में यह व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित
- सभी शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस देने के स्पष्ट निर्देश
- शॉर्ट अटेंडेंस की बात को स्वीकार कर रहे अधिकारी
Raigarh News: शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बरतने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम (Online Attendance in Schools) शुरू किया है लेकिन जिले के शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस में दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। जानकर हैरत होगी कि जिले में सिर्फ 30 फ़ीसदी शिक्षक की डिजिटल अटेंडेंस दे रहे हैं। कुछ शिक्षक मोबाइल नहीं होने का तो कुछ नेटवर्क का बहाना बना रहे हैं। बावजूद शिक्षा विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
रायगढ़ जिले में यह व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित
दरअसल राज्य सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने और मनमानी पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन हाजिरी सिस्टम लागू किया है। (Online Attendance in Schools) इसके तहत शिक्षकों को निर्धारित समय पर मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करनी होती है। लेकिन रायगढ़ जिले में यह व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है।
विभागीय की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पदस्थ कुल 8154 शिक्षकों में से सिर्फ 2355 शिक्षक ही ऑनलाइन हाजिरी (Online Attendance in Schools) दर्ज कर रहे हैं, जबकि 5799 शिक्षक या तो नियमित रूप से हाजिरी नहीं भर रहे या इस सिस्टम से ही नहीं जुड़े हैं।

सभी शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस देने के स्पष्ट निर्देश
खास बात यह है कि समग्र शिक्षा विभाग की ओर से सभी शिक्षकों को ऑनलाइन अटेंडेंस (Online Attendance in Schools) देने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया गया है। लेकिन फिर भी शिक्षक अटेंडेंस को लेकर गंभीर नहीं है। अटेंडेंस ना देने के पीछे कोई नेटवर्क का बहाना बना रहा है तो कोई एंड्रॉयड फोन न होने की बात कह रहा है। शिक्षकों का यहां तक कहना है कि ऑनलाइन अटेंडेंस (Online Attendance in Schools) के विकल्प के तौर पर बायोमैट्रिक अटेंडेंस और डिवाइस की व्यवस्था की जानी चाहिए।
शॉर्ट अटेंडेंस की बात को स्वीकार कर रहे अधिकारी
इधर अधिकारी भी शॉर्ट अटेंडेंस की बातों को स्वीकार कर रहे हैं, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों की वजह से बीते सप्ताह अटेंडेंस में दिक्कतें आई है। कई शिक्षकों की डिवाइस पर ऐप इंस्टॉल नहीं हो पा रहा था, कुछ के लॉगिन में दिक्कतें थीं। तकनीकी समस्याओं को शॉर्ट लिस्ट कर लिया गया है। वर्तमान में 98 फ़ीसदी शिक्षक एप से रजिस्टर्ड कर लिए गए हैं। अटेंडेंस शत प्रतिशत (Online Attendance in Schools) करने के निर्देश दिए गए हैं।
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