Raigarh Sanjay Market News : 14 करोड़ मंजूर, 10 साल इंतजार… फिर भी हर बारिश में तालाब बन जाती है शहर की सबसे बड़ी मंडी! आखिर जिम्मेदार कौन?

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Raigarh Sanjay Market News : रायगढ़ की सबसे बड़ी संजय मार्केट का उन्नयन पिछले 10 वर्षों से फाइलों में अटका हुआ है। 14 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका। हर बारिश में मंडी जलभराव, कीचड़ और गंदगी से जूझ रही है, जिससे व्यापारी और आम लोग परेशान हैं।

  • Reported By: Avinash Pathak

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 04:52 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 04:56 PM IST

Raigarh Sanjay Market News / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
  • 400 से अधिक व्यापारी रोजाना इस मंडी में कारोबार करते हैं।
  • नगर निगम ने नया DPR बनाकर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजने की बात कही है।

रायगढ़  : Raigarh Sanjay Market News :  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर की सबसे बड़ी सब्जी मंडी संजय मार्केट के उन्नयन की योजना पिछले दस सालों से फाइलों में अटकी हुई है। पिछली सरकार में नगर निगम ने मार्केट उन्नयन के लिए 14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। लेकिन योजना समय पर शुरू न होने और विवादों के चलते राशि लैप्स हो गई। आलम यह है कि हर बारिश में मार्केट में जलभराव हो रहा है। बारिश में कीचड़ और गंदगी से लोग परेशान हो रहे हैं। लेकिन निगम के अधिकारी हैं कि उनकी नींद ही नहीं खुल रही।

योजना कागजों में ही कैद

दरअसल, संजय मार्केट रायगढ़ की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी सब्जी मंडी है। करीब 400 से अधिक व्यापारी यहां रोजाना कारोबार करते हैं। पिछले 10 सालों से मार्केट के उन्नयन के लिए योजना बनाई जा रही है, लेकिन योजना कागजों में ही कैद होकर रह जा रही है। वर्ष 2013 में इसे आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त मार्केट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। कारोबारियों को विस्थापित करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन कारोबारी कोर्ट चले गए। इसके बाद योजना अधर में लटक गई।

हाईकोर्ट ने 2021 में निर्माण के दिए थे निर्देश

जनवरी 2021 में हाईकोर्ट ने नगर निगम के पक्ष में फैसला सुनाते हुए संजय मार्केट निर्माण के निर्देश दिए। फिर निगम ने इसके लिए डीपीआर भी तैयार किया और करीब 14 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली। लेकिन भूमि संबंधी विवाद, विस्थापन और अन्य विवादों के चलते निर्माण फिर से शुरू नहीं हो सका। आलम यह है कि समय बीतने के साथ स्वीकृत राशि भी लैप्स हो गई। मौजूदा हालात यह हैं कि बारिश होते ही पूरी मंडी तालाब में तब्दील हो रही है। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण आम लोगों के साथ-साथ सब्जी विक्रेताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बन रही योजना लेकिन नहीं हो रही अमल

Raigarh Mandi Waterlogging Problem कारोबारियों का कहना है कि मार्केट निर्माण की योजना बन रही है, लेकिन योजना पर अमल नहीं हो रहा है। इधर बारिश में गंदगी के कारण न सिर्फ लोगों को दिक्कतें हो रही हैं, बल्कि संक्रमण का भी खतरा बना हुआ है। इधर मामले में विपक्ष भी शहर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है।

“जानबूझकर शहर सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही”

कांग्रेस का कहना है कि क्योंकि योजना कांग्रेस कार्यकाल की थी, इसलिए बिहार आजाद जानबूझकर शहर सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। शहर में गैर-जरूरी योजनाओं पर राशि खर्च की जा रही है, लेकिन नगर निगम संजय मार्केट की बदहाली पर ध्यान नहीं दे रहा। मामले में नगर निगम का कहना है कि मार्केट के उन्नयन के लिए नया डीपीआर तैयार कर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मार्केट के उन्नयन का काम किया जाएगा। जलभराव को देखते हुए नालियों की सफाई और सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है।

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