Congress karyakarta ke nishane par purv CM Bhupesh Baghel
रायपुर। 2024 चुनाव में जब पार्टी को पूरी ताकत से अपने नेता के साथ होना चाहिए तब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अपने ही नेता के खिलाफ, उसके करीबियों के खिलाफ कोहराम मचा हुआ है। विरोधी तो छोड़िए अब खुद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के निशाने पर पूर्व CM भूपेश बघेल हैं। पहले FIR, फिर मंच पर मनमानी के आरोप और अब भूपेश के करीबी खासमखास पर पार्टी का पैसा हजम करने के आरोप वाली चिट्ठी। भाजपा ने तीखा प्रहार कर कहा- कि पिछली सरकार में चली है, तो केवल पूर्व CM भूपेश की चौकड़ी की।
पिछली कांग्रेस सरकार के मुखिया और उनके करीबियों के खिलाफ उनकी ही पार्टी का चौतरफा वार बताता है कि कार्यकर्ताओं का गुबार किस कदर बढ़ता रहा है। लेकिन, अब भी लेटर बम और गबन के आरोपों पर पीसीसी मौन है । सवाल ये कि क्या सिसोदिया की चिट्ठी में लिखी बातों पर बात नहीं होनी चाहिए ? सवाल ये भी क्या पार्टी में रामगोपाल अग्रवाल, भूपेश बघेल, विनोद वर्मा ही सब कुछ थे।
इधर, राजनांदगांव में भरे मंच पर पूर्व CM बघेल पर मनमानी के आरोप लगाने वाले कार्यकर्ता सुरेंद्र वैष्णव के निष्कासन के सवाल पर भी PCC चीफ पल्ला झाड़ते नजर आए, तो भाजपा ने तंज कसा कि बघेल ना सरकार चला पाए ना पार्टी। वहीं, सबसे बड़ा सवाल ये है कि जिस एक चेहरे के भरोसे कांग्रेस ने 5 साल सरकार चलाई, उस चेहरे पर खुद पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं को भरोसा नहीं रहा। आक्रोश इतना कि मंच और पत्र के जरिए खुले आरोप सार्वजनिक होने लगे हैं। ये हालत क्यों, पार्टी और पार्टी पदाधिकारी इस पर मौन क्यों?