Reported By: Saurabh Singh Parihar
,CG Politics/Image Source: IBC24 File
CG Politics: कोरबा जिले में DMF राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने केंद्र तक शिकायत भेज दी है। मामला इतना गंभीर हो गया है कि केंद्र ने राज्य प्रशासन से पूछा है कि जांच और कार्रवाई के निर्देश पर अब तक अमल क्यों नहीं हुआ।
विपक्ष तंज कस रहा है पूर्व गृहमंत्री की अपनी ही सरकार में सुनवाई नहीं हुई तो आम आदमी की क्या सुनवाई होगी? सवाल ये भी है कि आखिर क्यों एक पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता को राज्य के मसले को लेकर केंद्र सरकार तक जाना पड़ा? छत्तीसगढ़ में अपनी ही सरकार को चेताने की जिम्मेदारी, पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उठा रखी है।
CG Politics: कोरबा जिले में DMF राशि के दुरुपयोग के मामले में अब तक अटकी जांच को लेकर पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने केंद्र सरकार को पत्र भेजा। कंवर ने पत्र में लिखा कि बालको समूह को लाभ पहुंचाने के लिए दरी डेम से बालको परसाभाटा तक DMF राशि से सड़क बनाई गई, और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए।
केंद्र सरकार के खनन मंत्रालय ने कंवर के पत्र पर 2025 में पहले अगस्त और फिर नवंबर में राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव को पत्र भेजकर जांच का निर्देश दिया। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब केंद्र ने मौजूदा मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच कर कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने को कहा है। पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर का दावा है कि इस मामले में कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर अजीत वसंत भी शामिल हैं।
CG Politics: जाहिर है ननकी के पत्र ने फिर से सरकार को घेरने का मौका दिया है। कांग्रेस ने जांच की मांग की तो पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने तंज कसा कि इन दिनों ननकीराम की स्थिति म्यूजियम में रखी वस्तु की तरह हो गई है। बीजेपी ने भी इसे कांग्रेसियों की ओछी राजनीति बताया।
पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर के पत्र को कांग्रेस ने एक और “लेटर बम” करार दिया और बीजेपी पर भ्रष्टाचार पर लगाम ना कस पाने तथा केंद्र के निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाया है। सवाल ये है कि इतने स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद भी क्या सरकार अब सचमुच चेतगी? और क्यों अब तक राज्य सरकार ने केंद्र के आदेशों का पालन नहीं किया? क्या किसी अपने को बचाने के लिए ये सब हो रहा है?