Chhattisgarh Liaison Officer Middle East Crisis || Image- Symbolic (Canva)
Chhattisgarh Liaison Officer Middle East Crisis: रायपुर: मिडिल-ईस्ट का समूचा क्षेत्र इन दिनों भीषण युद्ध की चपेट में है। एक दर्जन से ज्यादा देशों में हालात बेहद खराब हैं। खासकर ईरान और इजरायल के बीच जारी इस सीधी जंग में अब तक हजारों की संख्या में वहां के रहवासी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
ऐसे में अलग-अलग देशों की सरकारें अपने प्रवासियों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई हैं। बात भारत की करें तो मध्य-पूर्व में बड़ी संख्या में भारतीय अस्थायी तौर पर निवासरत हैं। इनमें मजदूर से लेकर व्यवसायी और स्टूडेंट्स शामिल हैं। केंद्र सरकार उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रही है। इसके लिए राज्यों की सरकारें केंद्र से सतत संपर्क बनाए हुए हैं और प्रभावितों से संपर्क में हैं।
वहीं बात छत्तीसगढ़ की करें तो राज्य की साय सरकार ने इस मामले पर गंभीरता और संवेदनशीलता दिखाई है। साय सरकार ने मिडिल-ईस्ट से जुड़े किसी भी समस्या के समाधान या नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए लाइजन ऑफिसर के तौर पर दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में तैनात महिला अफसर लेखा अजगल्ले को नोडल अफसर नियुक्त किया है। देखें आदेश
Chhattisgarh Liaison Officer Middle East Crisis: भारतीयों की वापसी के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि भारत सरकार पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की बदलती स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। खासतौर पर उन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है जो वहां ट्रांजिट में फंसे हुए हैं या कम समय के लिए गए थे।
इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और अपने क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। इन देशों में भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की है और 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू की है, ताकि मौजूदा स्थिति से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
विदेश मंत्रालय ने प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब देने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। सभी हेल्पलाइन की पूरी जानकारी यहां उपलब्ध है।
Chhattisgarh Liaison Officer Middle East Crisis: विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र के एयरस्पेस के आंशिक रूप से खुलने के बाद भारतीय और विदेशी एयरलाइंस ने नियमित और विशेष (नॉन-शेड्यूल्ड) उड़ानें शुरू की हैं, ताकि ट्रांजिट में फंसे या कम अवधि के लिए गए भारतीय यात्री वापस लौट सकें। 1 से 7 मार्च 2026 के बीच अब तक 52,000 से अधिक भारतीय खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जिनमें से 32,107 भारतीय एयरलाइंस से आए हैं। आने वाले दिनों में और उड़ानें चलाई जाएंगी।
जिन देशों में अभी व्यावसायिक उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं, वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे निकटतम उपलब्ध उड़ानों की जानकारी के लिए संबंधित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें। विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत सरकार क्षेत्र के देशों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रयास कर रही है।
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