Chhattisgarh Shri Ramlala Darshan Scheme || Image- IBC24 News File
रायपुर: छत्तीसगढ़ की संवेदनशील साय सरकार प्रदेशवासियों की मूलभूत जरूरत, शिक्षा, स्वास्थ्य, दैनिक सुविधाएँ, युवाओं के रोजगार, किसान होता और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सजग है। वही सरकार इसके अतिरिक्त कई पुण्यकार्य की दिशा में भी निरंतर आगे बढ़ रही है। (Chhattisgarh Shri Ramlala Darshan Scheme) इन्ही कार्यों में से एक है अयोध्या रामलला व अन्य देवस्थानों का दर्शन। () छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश के लोगों को अयोध्या रामलला के दर्शन समेत देशभर के दूसरे देव् स्थानों के दर्शन का सुनहरा अवसर दे रही है। इस निःशुल्क योजना का लाभ अबतक राज्य भर के हजारों लोगों को मिल चुका है। योजना का सबसे ज्यादा लाभ उन बुजुर्गों ने लिया है जो खुद के संसाधनों से यह तीर्थयात्रा करने में अक्षम थे। लिहाजा ऐसे लोगों की सुध लेते हुए साय सरकार की तरफ से तीर्थदर्शन योजना की शुरुआत की गई हैं।
श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अयोध्या धाम यात्रा के लिए इच्छुक व्यक्तियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय (नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम) में जमा करना होगा। आवेदन के साथ आवेदक को नवीनतम रंगीन फोटो और पहचान तथा निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य दस्तावेज संलग्न करने होंगे। इसके अलावा, आवेदक को दो संपर्क व्यक्तियों का विवरण देना होगा, जिनसे आपात स्थिति में संपर्क किया जा सके, जिनमें से एक का मोबाइल नंबर अनिवार्य है। ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय इच्छुक आवेदकों की सूची कलेक्टर को भेजेंगे।
65 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति जो अकेले यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें एक सहायक के साथ यात्रा करने की अनुमति होगी। समूह द्वारा आवेदन करने पर 3 से 5 व्यक्तियों के समूह के लिए एक सहायक की अनुमति होगी, बशर्ते समूह का प्रत्येक सदस्य 65 वर्ष से अधिक आयु का हो। (Chhattisgarh Shri Ramlala Darshan Scheme) बड़े समूह में प्रति 5 यात्री पर एक सहायक मान्य होगा। पति-पत्नी साथ यात्रा कर रहे हों और किसी एक की उम्र 65 वर्ष से कम हो, तो सहायक की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
यदि पति-पत्नी में से किसी का चयन होता है, तो जीवन साथी भी उनके साथ यात्रा कर सकते हैं। आवेदन करते समय यह स्पष्ट करना आवश्यक है। सहायक की पात्रता होने पर उसका आवेदन भी मुख्य आवेदक के आवेदन के साथ संलग्न करना होगा।
यदि एक समूह एक साथ आवेदन करता है, तो पूरे समूह को एक आवेदन मानते हुए लॉटरी में शामिल किया जाएगा। समूह में अधिकतम 10 आवेदक हो सकते हैं और समूह का एक व्यक्ति मुखिया होगा। अन्य सभी आवेदकों के आवेदन मुखिया के आवेदन के साथ संलग्न होंगे। यदि समूह में सहायक शामिल हैं, तो उनके आवेदन भी मुख्य आवेदन में जोड़ दिए जाएंगे। कुल संख्या 10 से अधिक नहीं हो सकती। ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है ताकि चयनित यात्रियों और प्रतीक्षा सूची का डेटाबेस तैयार किया जा सके।
यात्रियों का चयन कलेक्टर द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। प्रथम चरण में 55 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना में 18 वर्ष से 75 वर्ष तक के व्यक्ति शामिल होंगे। यात्रियों का 25 प्रतिशत शहरी और 75 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र से चयन किया जाएगा। (Chhattisgarh Shri Ramlala Darshan Scheme) यदि आवेदन संख्या कोटे से अधिक होती है, तो लॉटरी प्रणाली द्वारा चयन होगा। 25 प्रतिशत अतिरिक्त व्यक्तियों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी। प्रत्येक यात्रा में कुल 850 यात्री तय हैं, जिसे आवश्यकतानुसार 1000 तक बढ़ाया जा सकता है, इसमें सहायक भी शामिल होंगे।
चयनित यात्रियों और प्रतीक्षा सूची की जानकारी कलेक्टर कार्यालय, ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी। केवल चयनित व्यक्ति ही यात्रा पर जा सकेंगे। चयनित यात्री अपनी जगह किसी अन्य को नहीं भेज सकता। कलेक्टर द्वारा चयनित सूची को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को भेजा जाएगा, जो इसे आईआरसीटीसी या अन्य चयनित एजेंसी को उपलब्ध कराएगा।
जिला प्रशासन चयनित यात्रियों को उनके निवास स्थान से ब्लॉक/तहसील स्तर पर निर्धारित स्थल और रेलवे स्टेशन/बस स्टॉप तक पहुँचाएगा। यात्रा समाप्ति पर यात्रियों को वापस पूर्व निर्धारित स्थल पर छोड़ने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस प्रकार योजना न केवल धार्मिक यात्रा को सुगम बनाती है, बल्कि सुरक्षा और सुविधा को भी प्राथमिकता देती है।
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर लगाया गोलाबारी करने का आरोप,नागरिक की मौत
पिकअप वाहन की चपेट में आने से मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों की मौत
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान वार्ता कराएगा: विदेश मंत्री इसहाक डार
बेंगलुरु (ग्रामीण) में मंदिर का प्रसाद खाने के बाद 60 से अधिक लोग बीमार
कांग्रेस का मोदी पर पलटवार, कहा- केरल को जब प्रधानमंत्री की जरूरत थी तब वह ‘नदारद’ रहे