CM Vishnu Deo Sai on Women Reservation : ‘कांग्रेस और INDI गठबंधन का असली चेहरा उजागर’, बिल फेल होने पर कांग्रेस पर भड़के CM विष्णु देव साय, दिया ये बड़ा बयान

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महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात बताया और कहा कि देश की माताएँ-बहनें इसका जवाब देंगी।

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 11:08 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 12:17 AM IST

CM Vishnu Deo Sai on Women Reservation / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • महिला आरक्षण बिल गिरने पर सीएम विष्णु देव साय का विपक्ष पर हमला
  • कहा— यह महिलाओं के अधिकारों के साथ बड़ा विश्वासघात
  • “माताएँ-बहनें देंगी जवाब”, नारी सशक्तीकरण की लड़ाई जारी

रायपुर : CM Vishnu Deo Sai on Women Reservation संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में बहुमत के अभाव में गिर जाने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य दिग्गज नेताओं के बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कांग्रेस और ‘INDI’ गठबंधन पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम साय ने इस घटना को देश की मातृशक्ति के साथ एक बड़ा विश्वासघात बताते हुए कहा कि विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा अब पूरी तरह देश के सामने उजागर हो गया है।

देश की माताएँ-बहनें इसका जवाब भी देंगी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह बिल का गिरना करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और उनके नेतृत्व क्षमता को नकारने का एक शर्मनाक प्रयास है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने करोड़ों बहनों के विश्वास और आशाओं पर गहरा आघात किया है। Women Reservation Bill Rejected उन्होंने आगे लिखा की देश की माताएँ-बहनें इसका जवाब भी देंगी।

Nari Shakti Vandan Adhiniyam Fail नारी सशक्तीकरण की यह यात्रा रुकने वाली नहीं है

सीएम ने स्पष्ट किया कि भले ही विपक्ष ने आज संसद में इस यात्रा को रोकने की कोशिश की हो, लेकिन नारी सशक्तीकरण का यह संकल्प रुकने वाला नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार हर महिला को उनका वाजिब हक और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक संकल्प पूर्ण नहीं हो जाता।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को शासन और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को समान अवसर, राजनीतिक भागीदारी और सशक्त पहचान देने के लिए केंद्र सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और INDI गठबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध उनकी संकीर्ण मानसिकता और दोहरे मापदंड को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि आज देश की माताएँ और बहनें पूरी सजगता के साथ इस प्रकार के राजनीतिक रुख को देख और समझ रही हैं। नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारी सशक्तीकरण की यह यात्रा अब रुकने वाली नहीं है। महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान दिलाना ही सरकार का संकल्प है, जिसे हर परिस्थिति में पूरा किया जाएगा।

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विष्णु देव साय ने क्या प्रतिक्रिया दी?

उन्होंने बिल के गिरने को महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात बताया और विपक्ष पर निशाना साधा।

उन्होंने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?

साय ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं की उम्मीदों और नेतृत्व क्षमता को नजरअंदाज किया है।

सरकार का आगे क्या रुख रहेगा?

उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी सशक्तीकरण की दिशा में सरकार का प्रयास जारी रहेगा।