Mukhyamantri Bus Seva: नक्सल प्रभावित अंचलों को मिली कनेक्टिविटी की नई ताकत, सुदूर वनांचलों तक पहुँची बस सुविधा

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Mukhyamantri Bus Seva: नक्सल प्रभावित अंचलों को मिली कनेक्टिविटी की नई ताकत, सुदूर वनांचलों तक पहुँची बस सुविधा

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 11:23 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 11:23 PM IST

Mukhyamantri Bus Seva | Photo Credit: CG DPR

HIGHLIGHTS
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहली बार नियमित बस सेवा उपलब्ध कराई गई
  • मुख्यमंत्री ने स्वयं ग्रामीणों के साथ बस यात्रा कर योजना का महत्व दिखाया
  • बस सेवा से सामाजिक समावेशन और कनेक्टिविटी को मजबूती मिली

रायपुर: Mukhyamantri Bus Seva राज्य के दूरस्थ और सीमांत जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बस सेवा अब नारायणपुर जिले में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के प्रवास के दौरान कुरूसनार से लगभग 4 किमी तक ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा की।

CG News in Hindi मुख्यमंत्री का बस सेवा से सफर करना इस योजना की विश्वसनीयता और जनोन्मुखी सोच को रेखांकित करता है। उन्होंने अपने सह यात्रियों से अब इस नक्सल प्रभावित इलाके में बस सेवा शुरू होने से हुए फायदों के बारे में भी ग्रामीणों से पूछा। मुख्यमंत्री का यह दौरा और बस सेवा से किया जाने वाला सफर नारायणपुर जिले में विकास, विश्वास और सुशासन की दिशा में एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

वर्तमान में नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के अंतर्गत चार बसें संचालित की जा रही हैं, जिनमें से तीन बसें नियद नेल्ला नार मार्गों पर नियमित परिवहन सेवाएं प्रदान कर रही हैं। ये बसें उन क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, जो बीते एक दशक से माओवादी उग्रवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से लगभग वंचित रहे थे।

पहला मार्ग नारायणपुर-नेलंगूर का है, जिसके अंतर्गत डूमरतराई, कुकडाझोर, आंकाबेडा, कस्तूरमेटा, मोहंदी, कोडलियार, कुत्तूल, बेडमाकोटी तथा नेलंगूर ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं। दूसरा मार्ग नारायणपुर-कुतूल का है, जिसमें कच्चापाल, कोडलियार एवं कुतूल के साथ कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, कोहकामेटा और इरकभट्टी ग्रामों को परिवहन सुविधा मिल रही है। तीसरा मार्ग नारायणपुर-गारपा का है, जिससे कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, सोनपुर, मसपुर और होरादी ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं।

यह बस सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें संचालन की जिम्मेदारी एक निजी बस ऑपरेटर को सौंपी गई है, जबकि शासन द्वारा मार्ग निर्धारण और निगरानी की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमांत जनजातीय समुदायों को विश्वसनीय, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है।

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मुख्यमंत्री बस सेवा का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य दूरस्थ और सीमांत जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ना और सुरक्षित, सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

नारायणपुर जिले में कितनी बसें चल रही हैं?

वर्तमान में जिले में कुल चार बसें संचालित हो रही हैं।

बस सेवा किन मार्गों पर चल रही है?

मुख्य मार्ग हैं – नारायणपुर-नेलंगूर, नारायणपुर-कुतूल और नारायणपुर-गारपा।