लखनऊ पुलिस थाने से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया

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लखनऊ पुलिस थाने से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 10:53 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 10:53 PM IST

लखनऊ, 30 जनवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवायी के दौरान पीजीआई थाने की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलने पर सख्त रुख अपनाया।

अदालत ने पुलिस आयुक्त द्वारा थाने के सीसीटीवी प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी की बात कहने पर, नाराजगी जताते हुए कहा है कि तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान सचिव (गृह) को व्यक्तिगत हलफ़नामा दाखिल करके इस संबंध में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवायी 18 फरवरी को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन व न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने विवेक सिंह के पिता द्वारा दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। याचिका में आरोप लगाया है कि विवेक सिंह को सात नवंबर 2025 को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था।

याचिका में कहा गया कि पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज से हिरासत की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। याचिका के जवाब में पुलिस आयुक्त द्वारा दाखिल व्यक्तिगत हलफनामे में सीसीटीवी फुटेज नहीं होने के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया गया।

अदालत ने कहा कि उच्च्तम न्यायालय के निर्देशों और स्वयं पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार थानों के लिए सीसीटीवी फुटेज को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है।

अदालत ने कहा है कि आयुक्त के हलफनामे में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सीसीटीवी प्रणाली का कब से काम करना बंद हुआ और बैक-अप की कोई व्यवस्था क्यों नहीं थी।

भाषा सं जफर अमित

अमित