NH130c Closed: बंद होगा छत्तीसगढ़ का यह नेशनल हाईवे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ेगी दो राज्यों के लोगों की परेशानी

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national highway 130c Chhattisgarh closed: गरियाबंद जिले के देवभोग और आगे उड़ीसा के कई जिलों को छत्तीसगढ़ और रायपुर से जोड़ने वाली मुख्य नेशनल हाईवे 130 (सी) भी कोर एरिया से होकर गुजरती है।

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 04:32 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 04:33 PM IST

NH130c Closed, image source: instagram

HIGHLIGHTS
  • रायपुर, गरियाबंद व उड़ीसा को जोड़ता है NH 130c
  • एरिया में आने वाले 50 से अधिक छोटे ग्रामीण मार्गो पर भी आवागमन बंद
  • उच्चतम न्यायालय में किया पुनर्विचार अपील

Gariaband news: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उड़ीसा के लगभग 10 जिले व छत्तीसगढ़ के कई जिले इससे स्पष्ट रूप से प्रभावित रहेंगे और यहां के निवासी अब चिंतित नजर आ रहे हैं । दरअसल वन्य जीव के संरक्षण संवर्धन के दृष्टिकोण से टाइगर प्रोजेक्ट इलाके के कोर एरिया में शाम 6:00 से सुबह 6:00 तक विभिन्न आवागमणों पर रोक लगाते हुए केवल एंबुलेंस आदि इमरजेंसी सेवा के वाहनों को ही जाने की अनुमति दी गई है। जिसकी जद में नेशनल हाईवे 130सी भी आ रहा है। यह रास्ता रायपुर, गरियाबंद व उड़ीसा को जोड़ता है। जहां प्रतिदिन सैकड़ों—सैकड़ों यात्री वाहन व माल वाहन के साथ निजी वाहन का आवागमन होता है।

रायपुर, गरियाबंद व उड़ीसा को जोड़ता है NH 130c

गरियाबंद जिले के देवभोग और आगे उड़ीसा के कई जिलों को छत्तीसगढ़ और रायपुर से जोड़ने वाली मुख्य नेशनल हाईवे 130 (सी) भी कोर एरिया से होकर गुजरती है। ऐसे में आदेश के परिपालन में उक्त नेशनल हाईवे पर तौरंगा से इंदागांव में लगे बैरियर को बंद करने के शासकीय निर्देशन के बाद इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

एरिया में आने वाले 50 से अधिक छोटे ग्रामीण मार्गो पर भी आवागमन बंद

इतना ही नहीं गरियाबंद और धमतरी जिले के उदंती सीता नदी टाइगर प्रोजेक्ट के कोर एरिया में आने वाले 50 से अधिक छोटे ग्रामीण मार्गो पर भी आवागमन बंद किया जाना है। गरियाबंद जिला में तौरेंगा बेरियर, जुगाड़ बेरियर, जांगड़ा बेरियर, बम्हनीझोला बेरियर, इंदागांव बेरियर, गरिबा बेरियर शाम 06:00 PM से सुबह 06:00AM तक बंद रखा जायेगा। साथ ही धमतरी जिले के भी दर्जनों बैरियर बंद किए जाएंगे।

उच्चतम न्यायालय में किया पुनर्विचार अपील

इसे लेकर ग्रामीणों में चिंता व्याप्त है। देवभोग इलाके के ग्रामीण चाहते हैं कि कम से कम नेशनल हाईवे को इससे राहत दिया जाए जाए। सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार की गुजारिश करने की बात ग्रामीण कह रहे हैं। वही इसे लेकर गरियाबंद के अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वमान्य है। मगर इस मार्ग का कोई अन्य वैकल्पिक मार्ग नहीं है,जिसके चलते देवभोग और आगे उड़ीसा के लोगों की परेशानी को बताते हुए उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार अनुरोध किया है।

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