रायपुर: Raipur Betting App: राजधानी से सटे तिल्दा में संचालित ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘गजानंद’ को लेकर पुलिस की जांच में सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों नंदलाल लालवानी और उनके बेटे गोविंद लालवानी को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सट्टा कारोबार से जुड़े 600 से अधिक बैंक खातों का संचालन हो रहा था जिन्हें अब फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Raipur Betting App: गौरतलब है कि गोविंद लालवानी तिल्दा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 03 से निर्दलीय पार्षद हैं और उनके पिता नंदलाल लालवानी का सीधा संबंध कांग्रेस पार्टी से बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन दोनों की संपत्तियों का आंकलन करते हुए अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है।
Raipur Betting App: पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी परिवार का ‘महादेव ऐप’ के मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर से गहरा संबंध है। साल 2021 में गोविंद लालवानी की शादी में सौरभ चंद्राकर के शामिल होने की पुष्टि हुई है वहीं 2023 में दुबई में हुई चंद्राकर की शादी में भी गोविंद की मौजूदगी सामने आई है। इस विदेश यात्रा के बाद पुलिस ने गोविंद से कई स्तरों पर पूछताछ भी की थी।
Raipur Betting App: अब तक इस प्रकरण में छह सटोरिए गिरफ्तार किए जा चुके हैं और पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर नंदलाल और गोविंद की गिरफ्तारी की गई। दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में ऐसे कई और लोकल ऑनलाइन सट्टा ऐप सक्रिय हैं जिनकी जांच की जा रही है। इस पूरे नेटवर्क के भंडाफोड़ के बाद आने वाले दिनों में और भी कई बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
'गजानंद ऑनलाइन सट्टा ऐप' क्या है और यह कैसे काम करता था?
‘गजानंद ऑनलाइन सट्टा ऐप’ एक गैरकानूनी डिजिटल प्लेटफॉर्म था जो ऑनलाइन सट्टेबाजी की सुविधा देता था। आरोपी इस ऐप के माध्यम से सट्टा लगवाने और भुगतान के लिए 600 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे।
'गजानंद ऐप सट्टा' मामले में कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
मुख्य रूप से नंदलाल लालवानी और उनके बेटे गोविंद लालवानी को गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल 6 सटोरिए पकड़े जा चुके हैं।
क्या 'गजानंद सट्टा ऐप' का 'महादेव ऐप' से संबंध है?
हाँ, जांच में खुलासा हुआ है कि गजानंद ऐप से जुड़े लोगों के ‘महादेव ऐप’ के सरगना सौरभ चंद्राकर से घनिष्ठ संबंध हैं। दोनों परिवारों के बीच आपसी मेलजोल और यात्राओं के प्रमाण मिले हैं।
'गजानंद ऐप' से जुड़ी कुल कितनी संपत्ति का खुलासा हुआ है?
पुलिस जांच के अनुसार अब तक करीब 300 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है, जो सीधे या परोक्ष रूप से इस सट्टा कारोबार से जुड़ी है।
क्या रायपुर में अभी भी 'गजानंद जैसे अन्य ऑनलाइन सट्टा ऐप' सक्रिय हैं?
पुलिस का कहना है कि रायपुर और आसपास के इलाकों में कई अन्य ऑनलाइन सट्टा ऐप भी सक्रिय हो सकते हैं, जिनकी जांच चल रही है और जल्द ही इन पर भी कार्रवाई हो सकती है।