Chhattisgarh Cyber Crime News : क्या आपके पास भी आया है अनजान लिंक? करोड़ों की चपत लगाने वाले अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा, स्विगी-इंस्टामार्ट से जुड़ा है चौंकाने वाला कनेक्शन
राजधानी रायपुर में 'ऑपरेशन साइबर शील्ड' के तहत साइबर पुलिस ने एंड्रॉइड यूजर्स को 'विनमेट एपीके' लिंक के जरिए निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक खातों से करोड़ों की ठगी कर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सामान खरीदकर पैसों को ठिकाने लगाते थे।
Chhattisgarh Cyber Crime News / Image Source : Screengrab
- रायपुर साइबर पुलिस ने दो अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार किए।
- विनमेट एपीके' लिंक से एंड्रॉइड मोबाइल हैक किए जाते थे।
- ठगी की रकम से क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शॉपिंग की जाती थी।
रायपुर : Chhattisgarh Cyber Crime News राजधानी रायपुर की रेंज साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के अंतर्गत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एंड्रॉइड यूजर्स को निशाना बनाकर उनके मोबाइल हैक करने और बैंक खातों से करोड़ों रुपए उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों आरोपियों के साथ घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल, सिम कार्ड, बैंक अकाउंट जब्त कर लिया है।
राजस्थान से गिरफ्तार हुए ठग
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पृथ्वी बिश्नोई और नरसिंह सिंह के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने राजस्थान से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। ( Operation Cyber Shield Raipur )यह आरोपी इतने शातिर हैं कि छत्तीसगढ़ समेत देश के कई अन्य राज्यों में अब तक करोड़ों रुपयों की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इन दोनों आरोपियों की तलाश कई राज्यों की पुलिस को काफी लंबे समय से थी।
‘विनमेट एपीके’ के जरिए हैक करते थे मोबाइल
जांच में खुलासा हुआ कि यह गैंग लोगों को एसएमएस (SMS) के माध्यम से ‘विनमेट एपीके’ (Vinmate APK) का फर्जी लिंक भेजता था। ( Chhattisgarh Cyber Crime News )जैसे ही कोई एंड्रॉइड यूजर इस लिंक पर क्लिक कर ऐप इंस्टॉल करता, उसका मोबाइल फोन पूरी तरह से हैक हो जाता था। इसके बाद आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों तक पहुंच बनाकर बड़ी आसानी से रकम निकाल लेते थे। पुलिस ने इनके पास से वारदात में उपयोग किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई बैंक अकाउंट्स भी जब्त किए हैं।
ठगी के पैसों से ‘क्विक कॉमर्स’ के जरिए शॉपिंग
पुलिस की पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ठगी की गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी स्विगी (Swiggy) और इंस्टामार्ट (Instamart) जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे। आरोपी ठगी के पैसों से ऑनलाइन सामान खरीदते थे और उनकी डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पतों पर करवाते थे, ताकि पुलिस को उनकी लोकेशन और पैसों के ट्रेल का पता न चल सके। फिलहाल रेंज साइबर थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे ठगी के कई और बड़े राज खुलने की उम्मीद है।
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