रायपुर: Raipur News: IBC24 की ऑपरेशन रावण के बाद आदिवासी विकास विभाग में एक के बाद एक खुलासे सामने आ रहे हैं। अब एक नया मामला रायपुर से सामने आया है जहां करोड़ों की लागत से तैयार किया गया आदिवासी छात्रावास अब तबेले में तब्दील हो चुका है।
Raipur News: इस तीन मंजिला भवन का निर्माण 2017 में 100 सीटर हॉस्टल के तौर पर शुरू किया गया था। निर्माण पूरा होने के बाद ठेकेदार को भुगतान तो कर दिया गया लेकिन आश्चर्यजनक रूप से यह भवन विभाग को हैंडओवर ही नहीं किया गया। आज यह भवन पूरी तरह कंडम हालत में है। बिल्डिंग की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं ग्रेनाइट की चौखट, शेल्फ और बिजली के उपकरण तक चोरी हो चुके हैं।
Raipur News: सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ग्राउंड फ्लोर से लेकर तीसरी मंजिल तक अब यह भवन मवेशियों का अड्डा बन गया है। स्थानीय लोगों ने इस पूरी इमारत में अपने सौ से ज्यादा जानवरों को बांध रखा है। गंदगी का आलम यह है कि हालत किसी तबेले से भी बदतर हो चुकी है। इस मामले ने अधिकारियों की गंभीर लापरवाही को फिर उजागर कर दिया है।
रायपुर में करोड़ों की लागत से बना एक 100 सीटर आदिवासी छात्रावास अब तक विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। यह अब तबेले में तब्दील हो चुका है, जहां सौ से ज्यादा मवेशी बंधे हैं।
"रायपुर आदिवासी छात्रावास मामला" में निर्माण कब शुरू हुआ था?
इस छात्रावास का निर्माण कार्य 2017 में शुरू किया गया था।
क्या "रायपुर आदिवासी छात्रावास मामला" में ठेकेदार को भुगतान किया गया था?
हाँ, ठेकेदार को निर्माण कार्य पूरा होने पर भुगतान कर दिया गया था, लेकिन भवन विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया।
"रायपुर आदिवासी छात्रावास मामला" में क्या-क्या नुकसान हुआ है?
भवन की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं, ग्रेनाइट, चौखट, शेल्फ, बिजली उपकरण चोरी हो चुके हैं, और पूरी इमारत में जानवर बांधे जा रहे हैं।
"रायपुर आदिवासी छात्रावास मामला" में प्रशासन की क्या कार्रवाई हुई है?
अब तक कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं है, लेकिन मीडिया में मामला उजागर होने के बाद कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।