Petrol Pump Close News Today/Image Source: ANI
इस्लामाबाद: Petrol Pump Close News Today: खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के असर अब पाकिस्तान में भी दिखाई देने लगे हैं। देश में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक तेजी से घटने की खबरों के बीच पेट्रोल पंप संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो सोमवार से कई पेट्रोल पंप बंद होने लगेंगे।
Petrol Pump Close News Today: Pakistan Petroleum Dealers Association (PPDA) का कहना है कि सरकार भले ही 20–25 दिनों के स्टॉक का दावा कर रही हो, लेकिन डीलरों को पिछले तीन दिनों से कोई सप्लाई नहीं मिली है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां जानबूझकर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई कम कर रही हैं, जिससे कीमतें बढ़ाई जा सकें। PPDA के केंद्रीय महासचिव Chaudhry Irfan Elahi ने कहा कि ईंधन की डिलीवरी में भारी कमी से स्थिति गंभीर हो गई है। उनके मुताबिक डीजल की सप्लाई घटकर करीब 20 प्रतिशत रह गई है, जबकि पेट्रोल की आपूर्ति भी काफी कम हो गई है। उन्होंने दावा किया कि इस कमी की वजह से कीमतों में भी तेजी आई है डीजल की कीमत करीब 17 पाकिस्तानी रुपये और पेट्रोल की कीमत लगभग 35 पाकिस्तानी रुपये तक बढ़ गई है।
Petrol Pump Close News Today: वहीं सेंट्रल पंजाब के अध्यक्ष Nauman Majeed ने कहा कि पेट्रोल की सप्लाई लगभग 50 प्रतिशत तक गिर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी कंपनियों ने कमी का फायदा उठाते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी भी शुरू कर दी है। पेट्रोल पंप संचालकों ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराने की मांग की है। इससे पहले All Pakistan Petrol Pump Owners Association ने प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को पत्र लिखकर संभावित ईंधन संकट पर चिंता जताई थी। पत्र में कहा गया कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कथित तौर पर कोटा सिस्टम लागू कर दिया है जिसके कारण पेट्रोल पंपों तक पर्याप्त ईंधन नहीं पहुंच पा रहा है।
Petrol Pump Close News Today: हालांकि पाकिस्तान की नियामक संस्था Oil and Gas Regulatory Authority (OGRA) ने दावा किया है कि देश के पास करीब 28 दिनों की खपत के बराबर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक मौजूद है। अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ईंधन आयात करने की व्यवस्था भी की गई है। बताया जा रहा है कि यह संकट खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव और ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद पैदा हुआ है। इन घटनाओं के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग Strait of Hormuz प्रभावित हुआ है। करीब 33 किलोमीटर चौड़े इस समुद्री मार्ग से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। पिछले साल औसतन हर दिन करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और ईंधन इसी रास्ते से भेजा गया था।