Chaitra Navratri 2026: इस दिन शुरू हो रहा है चैत्र नवरात्र! जानिए घटस्थापना का सही समय और नियम जो हर भक्त की पूजा को बनाएंगे खास

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Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि का व्रत बहुत पवित्र और प्रभावशाली माना जाता है, लेकिन इसके नियम कठिन हैं। इस बार नवरात्रि कब से शुरू होगी, किन नियमों का पालन जरूही है और कलश स्थापना के समय किन सावधानियों को ध्यान रखना चाहिए, इसे जानना बेहद आवश्यक है।

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 10:49 AM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 10:52 AM IST

(Chaitra Navratri 2026/ Image Credit: X)

HIGHLIGHTS
  • चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होगी।
  • नवरात्रि का समापन 27 मार्च को रामनवमी पर होगा।
  • कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त: सुबह 06:52-07:43 और दोपहर 12:05-12:53।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि शुरू होती है। यही दिन हिंदुओं का नववर्ष भी माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिन बेहद पावन माने जाते हैं और इस दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। भक्त इस समय नौ दिनों का व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। मान्यता है कि इस समय किया गया व्रत और पूजा माता दुर्गा को अत्यंत प्रसन्न करता है और जीवन के कष्ट दूर होते हैंष

चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियां

इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे शुरू होगी। यह प्रतिपदा तिथि 20 मार्च की सुबह 04:52 बजे तक रहेगी। नवरात्रि का समापन 27 मार्च को रामनवमी के दिन होगा। इस दौरान भक्त माता दुर्गा की विशेष आराधना और व्रत के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 06:52 से 07:43 बजे तक रहेगा। दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक होगा। इन समयों में कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है।

नवरात्रि व्रत और नियम

नवरात्रि के व्रत जितने प्रभावशाली हैं, उतने ही इनके नियम भी कठिन माने जाते हैं। इन नौ दिनों में सही आचरण और नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। नवरात्रि में तामसिक भोजन से परहेज करें, बाल और नाखून न काटें तथा दिन में सोने से बचें। ये सभी नियम माता की कृपा पाने के लिए आवश्यक हैं।

कलश स्थापना में ध्यान रखने योग्य बातें

पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और कलश को अंदर से पूरी तरह साफ रखें। खंडित कलश का उपयोग न करें। स्थापना के बाद कलश को किसी भी हालत में न हिलाएं और अपवित्र हाथों से न छुएं। घर में घट स्थापना के बाद पूरे नवरात्रि इसे सुरक्षित स्थान पर रखें और तामसिक वस्तुएं घर से बाहर कर दें।

नवरात्रि में इन नियमों का पालन करें

  • शुभ मुहूर्त देखकर ही कलश स्थापना करें।
  • पूजा स्थल को पहले दिन पूरी तरह साफ-सुथरा रखें।
  • तामसिक भोजन से बचें।
  • नवरात्रि के नौ दिन बाल और नाखून न काटें।
  • दिन में सोने से परहेज करें।

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चैत्र नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे से होगी।

नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?

पहला मुहूर्त सुबह 06:52-07:43 और दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05-12:53 बजे है।

नवरात्रि में कौन से नियमों का पालन जरूरी है?

तामसिक भोजन से परहेज करें, बाल और नाखून न काटें, दिन में सोने से बचें और पूजा स्थल को साफ रखें।

नवरात्रि का समापन कब होगा?

चैत्र नवरात्रि 27 मार्च 2026 को रामनवमी के दिन समाप्त होगी।