सीआईडी ने वीएसआर के मालिक से पूछताछ की या उनकी शाही मेहमाननवाजी की : रोहित पवार

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सीआईडी ने वीएसआर के मालिक से पूछताछ की या उनकी शाही मेहमाननवाजी की : रोहित पवार

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 11:38 AM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 11:38 AM IST

पुणे, छह मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि क्या महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग ने वाकई वीएसआर वेंचर्स के मालिक वी के सिंह से पूछताछ की या फिर उनकी “शाही मेहमाननवाजी” की।

सिंह से 28 जनवरी को बारामती में हुई विमान दुर्घटना के सिलसिले में बृहस्पतिवार को यहां सीआईडी कार्यालय में पूछताछ की गई। इस हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोग मारे गए थे। यह विमान वीएसआर द्वारा संचालित लीयरजेट 45 विमान था।

अधिकारियों के मुताबिक, सिंह से सात घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई और उनका बयान रिकॉर्ड किया गया। उन्हें शाम करीब 7.30 बजे सीआईडी ऑफिस से जाने दिया गया।

पवार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “अब इस बात का शक पैदा हो गया है कि वीएसआर कंपनी के मालिक वी के सिंह, जिन्हें अजित दादा की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के लिए जिम्मेदार लोगों में से एक माना जाता है, को सीआईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था या शाही मेहमाननवाज़ी के लिए?”

रोहित पवार ने कहा कि सिंह सुबह 11 बजे सीआईडी दफ्तर पहुंचे और दावा किया गया कि उनसे आठ घंटे तक पूछताछ की गई।

उन्होंने कहा, “लेकिन असल में, ज़्यादातर समय कथित तौर पर उनकी देखभाल करने और मेहमाननवाजी में बीता। रात में, उन्हें काले शीशे वाली पुलिस गाड़ी में मेहमान की तरह ले जाया गया।”

पवार ने कहा कि सच छिपाने के लिए चाहे कितने भी काले पर्दे डाल दिए जाएं, इस मामले में सच का सूरज आखिरकार उगेगा।

उन्होंने पूछा, “एक तरफ, हमारी सही मांग होने के बावजूद, इस हादसे के बारे में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की जा रही है। दूसरी तरफ, वी के सिंह, जिनके विमान ने अजित दादा को हमसे छीन लिया, उनके साथ किसके आशीर्वाद से वीआईपी जैसा व्यवहार किया जा रहा है?”

पवार ने यह भी दावा किया कि जो मीडिया वाले इस मामले को कवर करने सीआईडी दफ्तर गए थे, उनके साथ पुलिस ने बुरा बर्ताव किया।

उन्होंने पूछा, “ऐसे हालात में, क्या सत्ताधारी खेमे के विधायक जिन्होंने अजित दादा के साथ काम किया और खुद को उनका ‘भरोसेमंद’ साथी कहा, अब आखिरकार जागेंगे?”

विमान दुर्घटना के बाद, बारामती तालुका थाने में दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, और बाद में मामला पुणे सीआईडी को हस्तांतरित कर दिया गया था। इससे पहले, एजेंसी ने कहा था कि उसका ध्यान यह पता लगाने पर है कि बारामती हादसे की वजह कोई साजिश या आपराधिक लापरवाही तो नहीं थी।

वी के सिंह से पूछताछ से कुछ दिन पहले, सीआईडी ने विमान दुर्घटना की अपनी जांच के सिलसिले में वीएसआर वेंचर्स को सवालों का एक सेट भेजा था। एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी थी।

पवार ने बुधवार को आरोप लगाया था कि कोई वीएसआर वेंचर्स को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि वायुयान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की शुरुआती जांच ने उनके पहले उठाए गए शक को सही साबित कर दिया है।

विमान दुर्घटना पर अपनी 22 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट में, एएआईबी ने कहा कि हादसे के समय दृश्यता आवश्यक स्तर से कम थी। इसमें रनवे पर धुंधले निशानों और रनवे की सतह पर बजरी की मौजूदगी के बारे में भी बताया गया।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा