US Gives 30-Day Waiver for Russian Oil: रूस से तेल खरीदने के लिए भारत को अनुमति देने वाले कौन होते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप? Image: IBC24 Customized
नई दिल्ली: US Gives 30-Day Waiver for Russian Oil इजराइल की ओर से खाड़ी देशों पर लगातार हो रहे हमले के बाद दुनिया भर में ईंधन के भारी संकट की संभावना जताई जा रही है। कल भी ईरान की ओर से दुनिया के सबसे पहले रिफाइनरी BAPCO पर हमले हुए थे, जहां से प्रतिदिन 3,80,000-4,00,000 बैरल तेल का प्रसंस्करण होता है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि दुनिया भर में आगामी दिनों में पेट्रोल-डीजल के लिए तरसना पड़ सकता है। लेकिन इस बीच अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अस्थाई छूट दे दी है। लेकिन अमेरिका के इस बयान के बाद भारतीय सियासत में बचाल मचा हुआ है और सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका कौन होता है जो भारत को छूट दे? भारत अपने आप में फैसला लेने में सक्षम है।
अमेरिका ने 30 दिन तक रूस से तेल खरीदने की दी मंजूरी! डोनाल्ड ट्रंप कौन होते हैं भारत को छूट देने वाले?#IndiaRussiaOil | #USIndiaRussia | #TrumpDecision | #OilDeal | India Russia Oil Deal | Donald Trump pic.twitter.com/eHBQsOHxGt
— IBC24 News (@IBC24News) March 6, 2026
US Gives 30-Day Waiver for Russian Oil दरअसल अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय सोच-समझकर लिया गया है और इसका उद्देश्य केवल पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल के लेन-देन को अधिकृत करना है, जिससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा। बेसेंट ने ‘एक्स’ पर कहा कि भारत, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और उम्मीद है कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह अस्थायी छूट ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को अवरुद्ध करने के प्रयासों से पैदा हुए दबाव को कम करने में मदद करेगी। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का भी जिक्र किया और इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे का परिणाम बताया।
President Trump’s energy agenda has resulted in oil and gas production reaching the highest levels ever recorded.
To enable oil to keep flowing into the global market, the Treasury Department is issuing a temporary 30-day waiver to allow Indian refiners to purchase Russian oil.…
— Treasury Secretary Scott Bessent (@SecScottBessent) March 6, 2026
अमेरिका की ओर से जारी इस बयान के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने अपने अधिकारिक एक्स पर लिखा है कि BJP सरकार हर दिन भारत की आज़ादी और सॉवरेनिटी से समझौता कर रही है। भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अपने एनर्जी हितों की रक्षा के लिए “U.S. परमिशन” की ज़रूरत क्यों है? खासकर तब जब तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और होर्मुज स्ट्रेट बंद है? सुरजेवाला ने अपने एक्स पोस्ट पर ट्रंप की ओर से भारत को लेकर किए गए ऐलान की भी फेहरिस्त जारी की है
India’s independence and sovereignty is compromised ever day by the BJP Government.
Why does India need “U.S permission” to protect its energy interests to buy Oil from Russia, more so in view of escalating Oil Prices and Strait of Hormuz shut down ?
👉 U.S will announce… https://t.co/7ugNuoWhqg
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) March 6, 2026
वहीं, मनीष तिवारी ने लिखा है कि ‘30 दिन की छूट देना’- इस दिखावटी भाषा में नए साम्राज्य का घमंड झलकता है। क्या हम एक बनाना रिपब्लिक हैं कि हमें अपनी एनर्जी सिक्योरिटी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए US की इजाज़त की ज़रूरत है? वैसे तो बहुत ज़्यादा बोलने वाली सरकार की चुप्पी बहरा कर देने वाली है। क्या उसे यह समझ नहीं आता कि सॉवरेनिटी का क्या मतलब है?
‘Issuing a 30 day waiver’- The sanctimonious language of condenscation drips with neo- imperial arrogance.
Are we a banana republic that we need the permission of the US to secure our energy security imperatives ?
The silence of an otherwise overly loquacious government is… https://t.co/GmzKEWZmvp
— Manish Tewari (@ManishTewari) March 6, 2026
अमेरिकी सरकार के इस ऐलान पर राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा है कि हम ऐसे समय में जी रहे हैं जहां हमारी सरकार हमें स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी पर इंस्टाग्राम रील्स दिखाती है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि उसने एक ट्रेड डील की आड़ में भारत के हितों को सरेंडर कर दिया है। जहां अब हमें अमेरिका से रूसी तेल खरीदने की परमिशन चाहिए। बस US ट्रेजरी सेक्रेटरी X की पोस्ट का टोन और तेवर पढ़िए, कोई भी समझ जाएगा कि उनके दिमाग में वे भारत को अपनी एक कॉलोनी के तौर पर देखने लगे हैं, न कि बराबर का पार्टनर। ये कितनी बड़ी गिरावट है।
बता दें कि US के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने रयसीना डायलॉग 2026 को सबोधित करते हुए कहा है कि “इंडिया को समझना चाहिए कि हम इंडिया के साथ वही गलतियां नहीं करने जा रहे हैं जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थीं। फिर अगली बात जो हमें पता चलेगी, वह यह कि आप हमें कई कमर्शियल चीज़ों में हरा रहे हैं।” हम उस ट्रेड डील को लेकर उत्साहित हैं जो अब लगभग फिनिश लाइन पर है, और मुझे लगता है कि यह लगभग अनलिमिटेड पोटेंशियल को सच में अनलॉक करने का बेस हो सकता है। हम इंडिया और उनके इकोनॉमिक और बिजनेस के अवसर पर फोकस करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
We live in times where our government gives us Instagram reels on strategic autonomy but the cold hard reality is that it has surrendered India’s interests under the garb of a trade deal where we now need permission to buy Russian oil from America.
Just read the tone and tenor… pic.twitter.com/WIX9PeRjQg— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) March 6, 2026