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रायपुर: नए साल की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के सभी शासकीय दफ्तरों में आधार आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस नियम के लागू होने के बाद राजधानी रायपुर समेत सभी जिला मुख्यालयों के सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति को लेकर सख्ती देखने को मिल रही है। कागजों में जहां 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज हो रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
आईबीसी 24 की टीम द्वारा किए गए सिस्टम रियलिटी चेक में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कई शासकीय कार्यालयों में केवल करीब 50 प्रतिशत कर्मचारी ही वास्तव में बायोमैट्रिक पंच कर रहे हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में दफ्तरों की उपस्थिति पूरी दिखाई जा रही है, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नियम के तहत कर्मचारियों को सुबह सवा दस बजे से पहले पंच करना अनिवार्य किया गया है। लेकिन जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कर्मचारी कार्यालय परिसर में पहुंचे बिना ही मोबाइल फोन के जरिए उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ऑफिस से करीब 100 मीटर के दायरे में रहते हुए भी मोबाइल से अटेंडेंस दर्ज की जा रही है।
इसके अलावा कई शासकीय विभागों में अटेंडेंस मशीनों में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई हैं। कहीं मशीन काम नहीं कर रही तो कहीं नेटवर्क की समस्या के कारण कर्मचारियों की उपस्थिति सही तरीके से दर्ज नहीं हो पा रही है। इन तकनीकी खामियों का असर सीधे तौर पर नए अटेंडेंस सिस्टम की विश्वसनीयता पर पड़ रहा है।