Naxal-affected area Mapping: नक्सल प्रभावित 5 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके की होगी मैपिंग.. लगेंगे 5 साल, इस IIT के साथ सरकार का अनुबंध

Chhattisgarh Naxal-affected area Mapping: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सुरक्षा बल शिविर स्थापित कर रहे हैं, जिनके पांच किलोमीटर के दायरे में नक्सलियों का प्रभाव कम हो रहा है और वे उन इलाकों से पलायन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दायरा बढ़ाकर 10 किलोमीटर किए जाने के बाद अब तक लगभग 400 गांव स्थापित किए जा चुके हैं।

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 01:17 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 01:26 PM IST

Chhattisgarh Naxal-affected area Mapping || Image- ANI NEWS File

HIGHLIGHTS
  • अबूझमाड़ का पहली बार आधिकारिक मानचित्रण
  • आईआईटी रुड़की करेगी 5000 वर्ग किलोमीटर सर्वे
  • नक्सल मुक्त क्षेत्रों में विकास पर जोर

Chhattisgarh Naxal-affected area Mapping: रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने कभी नक्सलियों के गढ़ रहे अबूझमाड़ क्षेत्र के 5,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक हिस्से के मानचित्रण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकार के अनुसार, घने जंगलों और नक्सली गतिविधियों के कारण यह इलाका अब तक आधिकारिक मानचित्रों से बाहर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नक्सली गतिविधियों में कमी आने के बाद आईआईटी-रुड़की के साथ यह समझौता किया गया है और मानचित्रण का कार्य 2030 तक पूरा होने की संभावना है, हालांकि सरकार इसे पहले पूरा करने का प्रयास करेगी।

5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है अबूझमाड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र का पहले कभी सर्वेक्षण नहीं किया गया था, लेकिन अब यहां सर्वे कर सभी प्रशासनिक सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय की गई 31 मार्च की समयसीमा में सफलता हासिल की जाएगी। साय ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नक्सलियों से मुक्त कराए गए इलाकों में विकास कार्य भी जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि अबूझमाड़ लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जहां न सड़कें हैं और न ही गांवों का कभी सर्वेक्षण हुआ है।

कांग्रेस पर सरकार का आरोप

Chhattisgarh Naxal-affected area Mapping: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सुरक्षा बल शिविर स्थापित कर रहे हैं, जिनके पांच किलोमीटर के दायरे में नक्सलियों का प्रभाव कम हो रहा है और वे उन इलाकों से पलायन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दायरा बढ़ाकर 10 किलोमीटर किए जाने के बाद अब तक लगभग 400 गांव स्थापित किए जा चुके हैं। साय ने राज्य की पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार को पर्याप्त समर्थन नहीं दिया, जिसके कारण एक समय में लगभग 75 प्रतिशत नक्सली छत्तीसगढ़ में केंद्रित हो गए थे।

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प्रश्न 1: अबूझमाड़ क्षेत्र का मानचित्रण कौन करेगा?

उत्तर: आईआईटी रुड़की 5000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे कर राजस्व मानचित्र तैयार करेगी जल्द ही

प्रश्न 2: अब अबूझमाड़ का सर्वेक्षण क्यों संभव हुआ है?

उत्तर: नक्सली गतिविधियों में कमी के बाद सर्वे संभव हुआ, प्रशासनिक सुविधाएं और विकास पहुंचाने लक्ष्य

प्रश्न 3: अबूझमाड़ मानचित्रण कार्य कब तक पूरा होगा?

उत्तर: मानचित्रण 2030 तक पूरा होने की संभावना, सरकार समयसीमा से पहले कार्य पूरा चाहती है