Chhattisgarh Naxal-affected area Mapping || Image- ANI NEWS File
Chhattisgarh Naxal-affected area Mapping: रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने कभी नक्सलियों के गढ़ रहे अबूझमाड़ क्षेत्र के 5,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक हिस्से के मानचित्रण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकार के अनुसार, घने जंगलों और नक्सली गतिविधियों के कारण यह इलाका अब तक आधिकारिक मानचित्रों से बाहर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नक्सली गतिविधियों में कमी आने के बाद आईआईटी-रुड़की के साथ यह समझौता किया गया है और मानचित्रण का कार्य 2030 तक पूरा होने की संभावना है, हालांकि सरकार इसे पहले पूरा करने का प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र का पहले कभी सर्वेक्षण नहीं किया गया था, लेकिन अब यहां सर्वे कर सभी प्रशासनिक सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय की गई 31 मार्च की समयसीमा में सफलता हासिल की जाएगी। साय ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नक्सलियों से मुक्त कराए गए इलाकों में विकास कार्य भी जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि अबूझमाड़ लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जहां न सड़कें हैं और न ही गांवों का कभी सर्वेक्षण हुआ है।
Abujhmad, so-far the citadel of Maoists, will be mapped for the first time. Chhattisgarh chief minister @vishnudsai says @iitroorkee will survey the uncharted region spreading across 5,000 sq km to prepare revenue maps. Read exclusive details in @ETPolitics… pic.twitter.com/jXzrRU2fub
— Nidhi (@nidhi_sharma) January 5, 2026
Chhattisgarh Naxal-affected area Mapping: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सुरक्षा बल शिविर स्थापित कर रहे हैं, जिनके पांच किलोमीटर के दायरे में नक्सलियों का प्रभाव कम हो रहा है और वे उन इलाकों से पलायन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दायरा बढ़ाकर 10 किलोमीटर किए जाने के बाद अब तक लगभग 400 गांव स्थापित किए जा चुके हैं। साय ने राज्य की पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार को पर्याप्त समर्थन नहीं दिया, जिसके कारण एक समय में लगभग 75 प्रतिशत नक्सली छत्तीसगढ़ में केंद्रित हो गए थे।
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