( तस्वीर सहित )
पटना, पांच मार्च (भाषा) बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को खत्म करने की साजिश रच रही है।
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने से संबंधित घटनाक्रम पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सब जानते हैं कि बिहार के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने नारा दिया था – ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राजग के घटक दल जानते हैं कि किस प्रकार तंत्र-मंत्र और पूरे सिस्टम का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ा गया।
उन्होंने कहा, ‘‘उस समय भी हमने कहा था कि भाजपा के लोगों ने नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया है और उन्हें दोबारा कुर्सी पर बैठने नहीं देंगे। हमने कहा था कि वे छह महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे। भाजपा जिसके साथ भी रही है, उसे बर्बाद करने का काम किया है। भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दलित और आदिवासी विरोधी पार्टी है।’’
तेजस्वी यादव ने यह टिप्पणी राजद के राज्यसभा उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान की।
उन्होंने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि बिहार में ऐसा नेता रहे जो ओबीसी या दलितों की बात करता हो और वह एक ‘रबड़ स्टांप मुख्यमंत्री’ चाहती है। तेजस्वी ने कहा कि राज्य में जो सत्ता परिवर्तन हो रहा है, वह जनभावनाओं के खिलाफ है और लोग भाजपा के चाल-चरित्र को समझते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने नीतीश कुमार के साथ भी काम किया है, लेकिन अधिकतर समय हम विपक्ष में रहे। 28 जनवरी 2024 को जब जदयू ने हमारा साथ छोड़ा था, तब भी हमने कहा था कि भाजपा अंततः उन्हें समाप्त करने की कोशिश करेगी। हमें उनके प्रति पूरी सहानुभूति है। उन्होंने बिहार की जो सेवा की है, उसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं।’’
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में जो राजनीतिक घटनाक्रम हो रहा है, वह किसी सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वही “महाराष्ट्र मॉडल” बिहार में लागू करने की कोशिश कर रही है, जिसके जरिए सहयोगी दलों को कमजोर कर सत्ता संतुलन अपने पक्ष में किया जाता है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले से ही यह कहती आ रही थी कि भाजपा ने नीतीश कुमार को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है। उनके अनुसार अब जो राजनीतिक परिस्थितियां बन रही हैं, उससे यह बात स्पष्ट हो रही है कि भाजपा की रणनीति सहयोगी दलों को धीरे-धीरे कमजोर कर अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की रही है।
तेजस्वी ने कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले दलों के साथ ऐसा ही हुआ है और अब बिहार में भी वही स्थिति बनती दिख रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि पूरे देश में अपने वैचारिक एजेंडे को लागू करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया में भी मशीनरी और प्रशासनिक संसाधनों का इस्तेमाल करती है, जिसका असर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ता है।
यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की रणनीति का अंतिम लक्ष्य जदयू को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की राजनीति में भाजपा अक्सर अपने सहयोगियों को धीरे-धीरे हाशिये पर धकेल देती है और बिहार में भी वही प्रक्रिया होती दिखाई दे रही है।
भाषा कैलाश मनीषा सुरभि
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