Reported By: Saurabh Singh Parihar
,UCC Bill Chhattisgarh | Photo Credit: AI
रायपुर: UCC Bill Chhattisgarh छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ी घोषणा की है। सीएम साय ने कहा कि आने वाले शीतकालीन सत्र में यूसीसी लागू होगा। सीएम साय के इस घोषणा के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पीसीसी चीफ दीपक बैज का बड़ा बयान सामने आया है। बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल UCC की कोई जरूरत नहीं है।
UCC Bill Chhattisgarh उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे हैं लेकिन सरकार इन पर ध्यान देने के बजाए दूसरे विषयों पर ध्यान दे रही है। सरकार जनता का काम नहीं कर रही है। सरकार UCC लाकर आदिवासियों की जल जंगल जमीन चहेते उद्योगपतियों को देने के लिए रास्ता खोल रहे हैं। यह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार जनकल्याण और अपराध रोकने का काम करें।
आपको बता दें कि प्रदेश में यूसीसी को लेकर आज गठित समिति की पहली बैठक होगी। यूसीसी को लेकर खाका तैयार किया जा रहा है। आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी कानून छत्तीसगढ़ में लागू होगा।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।
विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति में सभी के लिए एक नियम।
परिवार के सदस्यों के आपसी संबंध और अधिकारों में समानता।
जाति, धर्म या परंपरा के आधार पर नियमों में कोई रियायत नहीं।
किसी भी धर्म विशेष के लिए अलग से कोई नियम नहीं।
UCC के तहत शादी, तलाक, संपत्ति, गोद लेने जैसे मामले।
हर धर्म में शादी, तलाक के लिए एक ही कानून।
जो कानून हिंदुओं के लिए, वहीं दूसरों के लिए भी।
बिना तलाक के एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएंगे।
शरीयत के मुताबिक जायदाद का बंटवारा नहीं होगा।