Amit Shah Big Statement: ‘छोटे राज्यों का विरोध करती रही कांग्रेस, हमने बिना विवाद तीन नए राज्य बनाये’.. रायपुर में विपक्ष पर जमकर बरसे अमित शाह

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संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने हिंसा के रास्ते पर गए लोगों, विशेषकर महिला नक्सलियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना की: हम किसी पर गोली नहीं चलाना चाहते। (Amit Shah Big Statement) आप बंदूक छोड़ दीजिए, हम लाल कालीन बिछाकर आपका स्वागत करेंगे। मुख्यधारा में लौटिए, अपना भविष्य उज्ज्वल बनाइए।"

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 10:12 PM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 11:15 PM IST

Union Home Minister Amit Shah Big Statement || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • अटल वाजपेयी ने तीन नए राज्य बनाए
  • मनमोहन काल में तेलंगाना विवाद बढ़ा
  • अमित शाह ने विचारधारा पर जोर दिया

रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन को याद किया। (Amit Shah Big Statement) उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इसकी तुलना की और कहा कि “बिना विचारधारा वाली कोई राजनीतिक पार्टी देश का विकास नहीं कर सकती।”

कांग्रेस छोटे राज्यों की विरोधी : अमित शाह

“छत्तीसगढ़ @ 25: शिफ्टिंग द लेंस” पुस्तक पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने याद दिलाया कि झारखंड और उत्तराखंड के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के गठन के लिए विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान जारी थे। जब छत्तीसगढ़ , झारखंड और उत्तराखंड के लिए आंदोलन हुए, तब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। वे कहते थे कि विपक्ष के पास कोई मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे नए राज्यों के गठन की मांग कर रहे हैं। वे कहते थे, ‘ये छोटे राज्य कैसे काम करेंगे?’

उन्होंने कहा, “विरोध प्रदर्शन होते रहे, लेकिन जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने फैसला किया कि छोटे राज्यों का प्रयोग केवल एक प्रयोग नहीं है, (Amit Shah Big Statement) बल्कि यह उनके नागरिकों की इच्छा को पूरा करने के बारे में है।”

की दो प्रधानमंत्रियों की तुलना

शाह ने आगे कहा कि कई लोग शासन को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखते हैं और उन्होंने एक उदाहरण देकर अंतर स्पष्ट किया। “आज मेरे पास एक उदाहरण है। तीन दशकों में, दो उदाहरण हैं, एक भाजपा-एनडीए द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और दूसरे यूपीए द्वारा चुने गए डॉ. मनमोहन सिंह। दोनों के कार्यकाल में राज्य विभाजन हुआ।”

उन्होंने आगे कहा, “अटल जी के समय में 3 राज्यों को विभाजित करके 3 अलग-अलग राज्य बनाए गए थे, और मनमोहन सिंह के समय में 1 राज्य को विभाजित करके एक और अलग राज्य बनाया गया था।”

तेलंगाना-आंध्रा के बीच आज भी विवाद

दोनों प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान हुई राज्य विभाजन प्रक्रिया की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “अटल जी के समय में जब तीन राज्यों का विभाजन हुआ, तो लोकसभा और विधानसभा में सब कुछ सुचारू रूप से हो गया। (Amit Shah Big Statement) वहीं दूसरी ओर, मनमोहन सिंह के समय में जब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का विभाजन हुआ, तो लोकसभा में कानून पारित करने के लिए आंध्र प्रदेश के सभी नेताओं को बाहर रखा गया। दोनों राज्यों के बीच आज भी कई समस्याएं हैं।”

शाह ने राजनीति में विचारधारा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग इसे केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखते हैं, वे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसी स्थितियों को जन्म देते हैं। उन्होंने कहा, “बिना विचारधारा वाली कोई राजनीतिक पार्टी देश का विकास नहीं कर सकती।”

नक्सलवाद के खात्मे पर विचार

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर में ‘ऑर्गेनाइजर’ द्वारा आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मौजूद थे। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने माओवाद और विकास के मुद्दे पर अपनी बात रखी। (Amit Shah Big Statement) अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने पूर्ववर्ती भूपेश सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।

विकास और विचारधारा पर शाह का प्रहार

अमित शाह ने माओवाद और पिछड़ेपन के बीच के पुराने तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं मानता कि विकास की कमी के कारण माओवाद पनपता है। यह एक भ्रामक विचारधारा है।” उन्होंने आंकड़ों के विशेषज्ञों को चुनौती देते हुए कहा कि तुलना की जानी चाहिए कि किसके शासन में अधिक विकास हुआ। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में 30 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

कांग्रेस और भूपेश सरकार पर निशाना

पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा माओवाद को ‘प्रश्रय’ दिया, जिसके कारण छत्तीसगढ़ को हिंसा का लंबा दौर देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस ने तेलंगाना जैसे राज्यों के गठन में विवाद और वितंडा खड़ा किया, वहीं भाजपा ने तीन नए राज्य बनाए और कहीं कोई झगड़ा नहीं हुआ, जो दर्शाता है कि जनता का अटूट भरोसा भाजपा पर है।

नक्सलियों से मार्मिक और सख्त अपील

संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने हिंसा के रास्ते पर गए लोगों, विशेषकर महिला नक्सलियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना की: हम किसी पर गोली नहीं चलाना चाहते। (Amit Shah Big Statement) आप बंदूक छोड़ दीजिए, हम लाल कालीन बिछाकर आपका स्वागत करेंगे। मुख्यधारा में लौटिए, अपना भविष्य उज्ज्वल बनाइए।”

बस्तर के लिए विज़न: ’10 साल में बनेगा रोल मॉडल’

बस्तर के भविष्य पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि यदि नक्सलवाद का साया न होता, तो आज बस्तर देश का सबसे विकसित क्षेत्र होता। उन्होंने संकल्प जताया कि अगले 10 वर्षों में बस्तर देश का सबसे अग्रणी और विकसित जिला बनकर उभरेगा। उन्होंने संघ (RSS) के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत की इस विकास यात्रा में संघ का बड़ा योगदान है जिसे कोई इतिहासकार नकार नहीं सकता।

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Q1. अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी की क्यों प्रशंसा की?

उन्होंने अटल वाजपेयी के राज्य गठन को सफल और विचारधारा आधारित बताया नेतृत्व का उदाहरण

Q2. तेलंगाना गठन पर अमित शाह ने क्या कहा?

मनमोहन सिंह काल में तेलंगाना विभाजन से आंध्र और तेलंगाना के विवाद बढ़े लगातार आजतक

Q3. अमित शाह के अनुसार राजनीति में विचारधारा क्यों जरूरी है?

अमित शाह के अनुसार विकास के लिए राजनीति में स्पष्ट विचारधारा जरूरी है हमेशा देशहित