आजादी से पहले और बाद में भारत के विकास में आरएसएस का अमूल्य योगदान है: शाह

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आजादी से पहले और बाद में भारत के विकास में आरएसएस का अमूल्य योगदान है: शाह

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 08:54 PM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 08:54 PM IST

रायपुर, आठ फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसने स्वतंत्रता से पहले और बाद में भारत के विकास में अमूल्य योगदान दिया है जिसे कोई भी इतिहासकार नकार नहीं सकता।

भारत प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ 25 – शिफ्टिंग द लेंस’ के अवसर पर आयोजित ‘ऑर्गेनाइजर वीकली’ के सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवकों का सकारात्मक योगदान राष्ट्रीय और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वतंत्रता से पहले और बाद में भारत की (विकास) यात्रा में बहुत बड़ा योगदान दिया है, और कोई भी इतिहासकार इसे नकार नहीं सकता। देश या सामाजिक जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमें संघ के स्वयंसेवकों ने योगदान न दिया हो।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यद्यपि प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है लेकिन आरएसएस एक संस्था के रूप में अपने कार्यों के लिए विशिष्ट स्थान रखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम संस्थानों के संदर्भ में बात करते हैं और उनका मूल्यांकन करते हैं, तो मैं बिना किसी संकोच के कह सकता हूं कि सभी संस्थानों में से संघ के स्वयंसेवकों का योगदान भारत की स्वतंत्रता के बाद से सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र और हर पहलू में सबसे प्रमुख रहा है।’’

शाह ने कहा कि इस बारे में किसी को कोई संदेह करने की जरूरत नहीं है।

भाषा संतोष नरेश

नरेश