सुकमा: ACB/EOW Raid in Sukma: सुकमा जिले में तेंदूपत्ता बोनस वितरण में सामने आए करीब 7 करोड़ रुपये के घोटाले ने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने सुकमा के DFO अशोक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ACB/EOW Raid in Sukma: DFO के निलंबन के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की संयुक्त टीमें सक्रिय हो गईं। पहले दौर की छापेमारी गुरुवार को CPI नेता मनीष कुंजाम समेत सात अलग-अलग ठिकानों पर की गई थी जिसमें एक प्रबंधक के घर से लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई। अब दूसरे चरण में दोरनापाल में 3 स्थानों पर, कोन्टा में 2 स्थानों पर, सुकमा और गादीरास में 1-1 स्थान पर छापेमारी की गयी है। वन विभाग के कर्मचारियों के आवासों पर छापा मारा गया है। फिलहाल संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ जारी है, और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
ACB/EOW Raid in Sukma: इस कार्रवाई को लेकर CPI के वरिष्ठ नेता मनीष कुंजाम ने राज्य सरकार और एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित होकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा की यह पूरा मामला जनता का ध्यान भटकाने और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए उठाया गया है। सरकार जांच के नाम पर केवल राजनीतिक प्रतिशोध ले रही है।
ACB/EOW Raid in Sukma: प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदूपत्ता संग्राहकों को दिए जाने वाले बोनस में भारी हेराफेरी और राशि का ग़बन किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कागज़ों पर बोनस वितरण दिखाया गया, लेकिन राशि वास्तविक संग्राहकों तक नहीं पहुंची। इस घोटाले में वन विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।
"तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" उस भ्रष्टाचार को कहा जा रहा है जिसमें तेंदूपत्ता संग्राहकों को दिए जाने वाले बोनस की राशि कागजों पर तो वितरित दिखाई गई, लेकिन वास्तव में उन्हें नहीं मिली।
"तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" में कितनी रकम का घोटाला हुआ है?
"तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" में लगभग 7 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई है, जो वन विभाग के रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट में दर्ज हुई है।
क्या "तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" में सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं?
हाँ, "तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" में वन विभाग के DFO अशोक कुमार पटेल सहित कई अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। DFO को निलंबित कर दिया गया है।
"तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" की जांच कौन कर रहा है?
"तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" की जांच ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) और EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) की संयुक्त टीमों द्वारा की जा रही है।
क्या "तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" में राजनीतिक एंगल भी है?
CPI नेता मनीष कुंजाम ने आरोप लगाया है कि "तेंदूपत्ता बोनस घोटाला" की जांच सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कर रही है और यह विपक्ष को दबाने की साज़िश हो सकती है।