शह मात The Big Debate: कांग्रेस में आए भाजपाई, आरोपों वाली नई लड़ाई! दलबदल के बीच सिंहदेव के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल, बाबा के आरोपों में है कितनी सच्चाई? देखिए वीडियो

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TS Singh Deo On BJP: छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी CM TS सिंहदेव की बीजेपी को लेकर टिप्पणी बहस का विषय बन रही है।

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 11:37 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 11:38 PM IST

TS Singh Deo On BJP/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • पूर्व डिप्टी CM TS सिंहदेव की बीजेपी को लेकर टिप्पणी बहस का विषय बन रही है।
  • विपक्ष का दावा है कि छत्तीसगढ़ में आमजन से लेकर खुद बीजेपी कार्यकर्ता भी पार्टी से असंतुष्ट हैं।
  • सिंहदेव ने दावा किया है कि, आज चुनाव हों, तो BJP हार जाए।

TS Singh Deo On BJP: रायपुर: कांग्रेस के कद्दावर नेता, पूर्व डिप्टी CM TS सिंहदेव की बीजेपी को लेकर टिप्पणी बहस का विषय बन रही है। विपक्ष का दावा है कि छत्तीसगढ़ में आमजन से लेकर खुद बीजेपी कार्यकर्ता तक BJP से इस कदर असंतुष्ट हैं कि आज चुनाव हों, तो BJP हार जाए।

वैसे, इन आरोपों को लगाने के पीछे कुछ हालिया घटनाएं गिनाई जा रही हैं। दंतेवाड़ा के पूलपाड़ में बुधवार को भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष के गढ़ में लगभग 450 से अधिक ग्रामीणों ने बीजेपी छोड़ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। ग्रामीणों का आरोप था कि, मौजूदा सरकार की कथनी-करनी में अंतर है। स्थानीय जनप्रतिनिधि समस्याओं की लगातार उपेक्षा कर रहे हैं, तो इधर, केशकाल नगर पंचायत में 6 भाजपा पार्षदों ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया, जिन्हें फिलहाल संगठन ने स्वीकार ना करते हुए पार्षदों को मनाने की कोशिश शुरू कर दी है। (TS Singh Deo On BJP) वहीं, सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर नगर पंचायत उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को केवल एक वोट से मात देते हुए उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया। नाव में कुल 16 मतों में से कांग्रेस को 8 तो भाजपा प्रत्याशी को 7 वोट मिले। नतीजे को भाजपा के लिए झटका बताया गया, मामले में चुनाव प्रभारी रजनीश सिंह ने बंद लिफाफे में इसका जवाब भी दिया है।

हालांकि, बीजेपी विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस पर पलटवार कर रही है। बीजेपी सरकार के मंत्रियों का दावा है कि, ढाई साल में चुनाव हैं, सामने आ जाएगा जनता किसके साथ है ?

एक तरफ राजधानी में बीते दिनों सरकार का आधी रात बैठकर अपनी योजनाओं और प्रशासन में कसावट के लिए कवायद,तो दूसरी तरफ जमीनी कार्यकर्ताओं की पार्टी से नाराजगी, क्रास वोटिंग और हार। (TS Singh Deo On BJP) ताजा घटनाक्रम ने विपक्ष को, सत्तापक्ष को घेरने का खुला मौका दे दिया है। हालांकि, सवाल ये भी है कि क्या 2-3 घटनाओं के आधार पर इसे पूरे प्रदेश में सत्तापक्ष के नेता-कार्यकर्ताओं में असंतोष के तौर पर देखना उचित होगा? सबसे बड़ा प्रश्न ये कि खुद बीजेपी संगठन इससे कैसे डील करेगा?

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