CGBSE Paperleak Case: इस बहाने वायरल किया था असली पेपर.. ऑनलाइन लिया था पैसा! CGBSE पेपरलीक केस में NSUI नेता ने खोले ये चौंकाने वाले राज, कई और बड़े नाम आ सकते हैं सामने

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इस बहाने वायरल किया था असली पेपर.. ऑनलाइन लिया था पैसा! CGBSE पेपरलीक केस में NSUI नेता ने खोले ये चौंकाने वाले राज, Venu Janghel Arrested in CGBSE paper leak case

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 06:32 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 06:32 PM IST

रायपुर। CGBSE Paperleak Case: छत्तीसगढ़ में माध्यमिक शिक्षा मंडल 12वीं कक्षा के हिन्दी पेपर लीक मामले में बिलासपुर से गिरफ्तार वेणु जंघेल ने पुलिस के सामने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपी के बैंक खातों से लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि परीक्षार्थियों से ऑनलाइन माध्यम से रकम जमा कराई जाती थी। बताया जा रहा है कि असली प्रश्नपत्र को “गेस पेपर” बताकर वायरल किया गया था, ताकि किसी को शक न हो। फि

दरअसल, 12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर 13 मार्च की रात टेलीग्राम पर लीक हुआ, जिसके बाद 14 मार्च को परीक्षा हुई। पेपर लीक की जानकारी परीक्षा के बाद मिली, जिसके कारण इसे रद्द कर 10 अप्रैल को दोबारा आयोजित की गई। पुलिस ने 50 से ज्यादा छात्रों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की, जिसके बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड NSUI नेता वेणु उर्फ वेणु जंघेल को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। मामले की एफआईआर रायपुर सिटी कोतवाली थाना में दर्ज है। इसलिए उसे रायपुर लाया गया। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं और मामले में कई बड़े नाम सामने आने की बात कही जा रही है।

कई जिलों तक घुमी जांच की सुई!

CGBSE Paperleak Case: पुलिस सूत्रों के अनुसार जगदलपुर से लेकर दुर्ग तक जांच की कड़ियां जोड़ने के बाद आरोपी वेणु जंघेल का नाम सामने आया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल आरोपी रेनू जंघेल को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और पेपर लीक में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच साइबर और आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाई जा रही है।