Vishnu Ka Sushasan: छत्तीसगढ़ का नया विकास मॉडल, नया ग्रोथ इंजन बनेगा स्टेट कैपिटल रीजन, रजत जयंती वर्ष में नियोजित विकास का मार्ग हो रहा प्रशस्त

Ads

छत्तीसगढ़ का नया विकास मॉडल, नया ग्रोथ इंजन बनेगा स्टेट कैपिटल रीजन, Vishnu Ka Sushasan: path of planned development is being paved in silver jubilee year

  •  
  • Publish Date - August 22, 2025 / 03:57 PM IST,
    Updated On - September 12, 2025 / 12:16 AM IST

रायपुरः Vishnu Ka Sushasan: छत्तीसगढ़ राज्य ने 1 नवंबर 2025 को अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर को “छत्तीसगढ़ रजत जयंती” (Silver Jubilee) के रूप में मनाया जा रहा है। इन 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उन्नति की है। एक ओर जहां यह राज्य खनिज संपदा में समृद्ध है, वहीं दूसरी ओर कृषि और वन आधारित अर्थव्यवस्था ने भी इसे एक मजबूत आधार दिया है। राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ विकास की दृष्टि से एक नवजात अवस्था में था। राज्य निर्माण के समय बुनियादी ढांचे की कमी, सीमित शहरीकरण और योजनाबद्ध विकास का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता था। राजधानी रायपुर समेत अधिकांश शहर बिना सुव्यवस्थित मास्टर प्लान के विकसित हो रहे थे। लेकिन अब, 25 वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ ने एक लंबा सफर तय किया है और यह सफर अब एक नई दिशा में प्रवेश कर चुका है – स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में।

Vishnu Ka Sushasan: राजधानी रायपुर और उसके आस-पास का एरिया, स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित होने जा रहा है। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ ईंजन बनेगा। विधानसभा में इस संबंध में विधेयक को मंजूरी मिलने के साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन‘ ने रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर के क्षेत्र कैपिटल रीजन में शामिल किया गया है। यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तर्ज पर विकसित होगा। योजनाबद्ध पर्यावरण-संवेदनशील और समावेशी शहरी विकास इस क्षेत्रीय विकास मॉडल का मूल उद्देश्य है। SCR की स्थापना केवल एक भौगोलिक विस्तार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की सामाजिक, आर्थिक और शहरी संरचना को दिशा देने वाला एक दूरदर्शी कदम है।

Read More : Bihar News: त्योहारी सीजन में बस किराये में मिलेगी विशेष छूट, बिहार सरकार ने जारी किए 24 करोड़ रुपये

राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन

राज्य निर्माण के समय रायपुर एक उभरती हुई राजधानी थी, लेकिन अब वह दुर्ग-भिलाई के औद्योगिक विकास, नवा रायपुर की आधुनिक शहर योजना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ एक “मेट्रोपॉलिटन क्लस्टर” का रूप लेने जा रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2031 तक SCR क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी, जो इसे एक बड़े शहरी केंद्र के रूप में स्थापित कर देगी। SCR परियोजना के अंतर्गत, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Capital Region Development Authority) का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। यह प्राधिकरण न केवल मास्टर प्लान तैयार करेगा, बल्कि भूमि उपयोग, पर्यावरण संतुलन, अधोसंरचना विकास, और विभिन्न हितधारकों के समन्वय जैसे कार्यों को भी अंजाम देगा। इसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव, विधायक, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि और मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी शामिल होंगे। यह प्राधिकरण भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण अनुकूल योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करेगा। वर्ष 2024-25 के बजट में स्टेट केपिटल रीजन कार्यालय की स्थापना के लिए सर्वेक्षण एवं डीपीआर बनाने के लिए भी 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सुविधा के सर्वे कार्य के लिए भी 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

नियोजित विकास का मार्ग हो रहा प्रशस्त

एक समय था जब छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक संसाधनों, खनिजों और कृषि के लिए जाना जाता था, लेकिन अब वह आधुनिक नगरीकरण और इंटेलिजेंट सिटी प्लानिंग की दिशा में बढ़ रहा है। नवा रायपुर पहले ही देश के सबसे सुनियोजित शहरों में से एक के रूप में जाना जाता है, और अब SCR की परिकल्पना इसे एक समेकित शहरी क्षेत्र में परिवर्तित करने जा रही है। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर SCR परियोजना यह संकेत देती है कि राज्य अब केवल बुनियादी जरूरतों को पूरा करने से आगे बढ़कर, भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्मार्ट, टिकाऊ और नियोजित विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। यह पहल न केवल वर्तमान आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय शहरी विकास के मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान भी दिलाएगी।