तमिलनाडु में बंधक बनाए गए थे युवक, कलेक्टर की सक्रियता से मिली आजादी, वापसी पर किया छत्तीसगढ़ की धरती को प्रणाम

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार श्रमिकों को रेस्क्यू टीम सकुशल वापस लौट आई है। ये तमिलनाडु के करूर जिले में बंधक बनाए गए थे। इन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर कदम रखते ही सबसे पहले धरती माता को प्रणाम किया।

तमिलनाडु में बंधक बनाए गए थे युवक, कलेक्टर की सक्रियता से मिली आजादी, वापसी पर किया छत्तीसगढ़ की धरती को प्रणाम
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: October 15, 2022 2:51 pm IST

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार श्रमिकों को रेस्क्यू टीम सकुशल वापस लौट आई है। ये तमिलनाडु के करूर जिले में बंधक बनाए गए थे। इन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर कदम रखते ही सबसे पहले धरती माता को प्रणाम किया। रेस्क्यू टीम द्वारा बंधक से मुक्त कराकर छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला पहुंचने पर कलेक्टर जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह और श्रमपदाधिकारी शोएब काजी ने श्रमिकों और रेस्क्यू टीम का कलेक्टोरेट परिसर में स्वागत किया। स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद ही सभी श्रमिकों को सकुशल उनके घर भेज दिया जाएगा।

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बता दें कि वनांचल पंडरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत अमानिया के आश्रित गांव अमलीटोला के 4 युवा बैगा के तमिलनाडु राज्य में ठेकेदार द्वारा बंधुआ मजदूर बनाए जाने की जानकारी मिली थी, जिस पर कलेक्टर जनमेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान में लिया और 5 सदस्यीय अधिकारियों की टीम गठित की। 5 अक्टूबर को थाना कुकदूर में करन सिंह बैगा के पिता रूपसिंह बैगा के द्वारा शिकायत की गई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए 06 अक्टूबर को पुष्टि किए जाने के बाद 7 अक्टूबर को बंधक श्रमिकों के कुशल वापसी के लिए जिला स्तर पर 5 सदस्यीय टीम जिसमें नायब तहसीलदार, श्रम निरीक्षक, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पुलिस निरीक्षक एवं प्रधान आरक्षक रवाना हुई थी।

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रेस्क्यू टीम पहुंचने पर कलेक्टर महोबे के तमिलनाडु के करूर जिले के कलेक्टर से दुरभाष के माध्यम से संपर्क बनाएं रखा जिसके वजह से रेस्क्यू टीम को वहां मदद मिलती रही। स्थानीय जिला प्रशासन के निर्देश पर करूर जिले के ई.सी.सी. फैक्ट्री में उच्च स्तरीय जांच कराई। जांच में जिले के नौजवान बंधक पाए गए जिन्हे छुडाया गया एवं बंधक विमुक्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया।

केन्द्र सरकार के प्रावधानों के तहत विमुक्ति प्रमाण पत्र के साथ तत्काल सहायता राशि 30 हजार रुपए प्रति बंधक के मान से दी जाती है, इसके लिए भी कलेक्टर महोबे ने पुनः करूर कलेक्टर, तमिलनाडु को नियमों के तहत राशि दिलाने के लिए कहा गया है।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com