CG Ki Baat: धान संग्राम…पुराने वादों की दुहाई! कोशिश है किसानों के मुद्दे पर खुद को कैसे बड़ा हितैषी दिखाया जाए…

CG Ki Baat: धान संग्राम...पुराने वादों की दुहाई! कोशिश है किसानों के मुद्दे पर खुद को कैसे बड़ा हितैषी दिखाया जाए...

CG Ki Baat: धान संग्राम…पुराने वादों की दुहाई! कोशिश है किसानों के मुद्दे पर खुद को कैसे बड़ा हितैषी दिखाया जाए…
Modified Date: November 29, 2022 / 08:22 pm IST
Published Date: January 9, 2021 5:02 pm IST

रायपुरः धान के कटोरे में धान पर सियासत जारी है, वायदों के वीडियो निकालकर एक दूसरे पर वार-पलटवार जारी है। होड़ है कैसे विरोधियों को किसान विरोधी दिखाया जाए? कोशिश है किसानों के मुद्दे पर खुद को बड़ा हितैषी दिखाया जाए। कल कांग्रेस ने ट्वीट कर रमन सिंह को उनका केंद्र को लिखा पुराना पत्र याद दिलाया था, तो आज भाजपा ने पुराना वीडियो जारी कर कांग्रेस को उनका चुनावी वायदा याद दिलाया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म से लेकर सियासी मंच तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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छत्तीसगढ़ में धान ख़रीदी को 40 दिन हो चुके हैं और इन चालीस दिनों में ऐसा एक भी दिन नहीं रहा, जब भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप ना लगाया हो। शुक्रवार को कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह का 2014 में केंद्र को लिखा। धान उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की अनुमति वाला पत्र वायरल कर कटाक्ष किया था कि कुछ याद है डॉ रमन सिंह वो….। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह समेत भाजपा ने कांग्रेस को उसका चुनावी वादा याद दिलाने के लिए राहुल गांधी का वीडियो वायरल कर दिया है, जिसमें राहुल गांधी किसानों को धान का दाम 25 सौ रुपया देने, सभी ब्लाक में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने और पंद्रह क्विंटल धान की खरीदी लिमिट को ख़त्म करने का वादा चुनावी सभाओं में कर रहे हैं।

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राहुल गांधी का वीडियो वायरल करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने लिखा कि छत्तीसगढ़ सरकार राहुल गांधी के किए वादों को पूरा करें। तो इधर,भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने पलटवार करने में देर नहीं की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ रमन सिंह घर से निकलते ही नहीं हैं, तो उन्हें पता नहीं कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है? रमन सिंह को ये पता नहीं है कि छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर फूड प्रोसेसिंग प्लांट खोले जा रहे हैं, केंद्र एथनॉल प्लांट की अनुमति नहीं दे रहा है। वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर रमन सिंह पर तंज कसते हुए लिखा घर से निकलिए, घूमिए, किसानों से मिलिए…आपको पता चलेगा कि किसान ख़ुश हैं। एमएसपी ना सही न्याय योजना से किसानों को पैसा मिल रहा हैं। फूड प्रोसेसिंग की यूनिट लगने जा रही हैं। वहीं, भाजपा ने एक बार फिर दोहराया है कि राज्य अपनी नाकामी का ठीकरा बार-बार केंद्र पर फोड़ कर जिम्मेदारी से भाग रहा है।

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कुल मिलाकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में धान के मुद्दे पर ये घमासान थमता नहीं दिख रहा है। इन सब के बीच किसानों और प्रदेश की बड़ी चिंता है धान खरीदी को लेकर, उसके भुगतान को लेकर, ऐथेनॉल प्लांट के धरातल पर उतरने को लेकर तब तक पुराने वायदों पर कटाक्ष की आंच लगातार सियासी माहौल को गरमाती रहेगी ये तय है।

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"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"