बजट पर आज से विभागवार चर्चा करेंगे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, 21 जनवरी तक मंत्रियों के साथ होगा मंथन

Ads

बजट पर आज से विभागवार चर्चा करेंगे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, 21 जनवरी तक मंत्रियों के साथ होगा मंथन

  •  
  • Publish Date - January 15, 2021 / 01:37 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:17 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार से बजट तैयार करने के लिए विभागवार चर्चा की शुरुआत करने जा रहे हैं। 21 जनवरी तक अलग-अलग विभागों के मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के साथ सीएम चर्चा करेंगे। इस दौरान बजट प्रस्तावों जानकारी ली जाएगी।

Read More News: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने हस्तिनापुर में किया भगवान परशुराम की मूर्ति का अनावरण, 10 हजार ब्राम्हणों को संबोधित 

मुख्यमंत्री पिछले साल बजट में शामिल योजनाओं की धरातल पर क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे। साथ ही नए वर्ष के लिए किन योजनाओं को लागू किया जाना आवश्यक है। इस पर भी जानकारी लेंगे। माना जा रहा है कि राज्य सरकार के बजट में इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित योजनाओं को स्थान मिल सकता है।

Read More News: मौत, मातम, त्रासदी…बेतुके बोल, उठते सवाल! क्या वाकई विजयवर्गीय को मुरैना में 24 लोगों की मौत का

साथ ही कुछ नई योजनाएं भी शुरू की जा सकती हैं। राज्य सरकार का बजट लगभग एक लाख 10 हजार करोड़ का होगा। इस पर पहले से चल रही हितग्राही मूलक योजनाओं को एक बार फिर शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार की प्राथमिकता में किसान, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवार पहले क्रम पर हैं। इसलिए यह माना जा रहा है कि इस बार सभी वर्गों के लिए बजट में प्रावधान किए जाएंगे।

Read More News:  हड़ताल से लौटकर रोजगार सहायिका ने की खुदकुशी की कोशिश, गंभीर हालत में जगदलपुर रेफर 

दूसरी ओर बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले ही इसे लेकर सियासत नजर आ रही है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार के बजट को लेकर कहा कि इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है। इस सरकार में कोई काम नहीं हो पा रहा है। पिछले वर्ष बजट में जो प्रावधान किए गए थे उन्हीं कामों को पूरा नहीं किया जा सका है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य है जहां सभी वर्गों से चर्चा के बाद बजट तैयार किया जाता है।

Read More News:  गांधी, गोडसे, नक्सलवाद…बयानों की बमबारी! सरकार बनने के दो साल बाद कांग्रेस नेताओं को गांधी के विचार की जरुरत क्यों पड़ी?