भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले पांच दिनों में 356 संक्रमितों का अंतिम संस्कार हुआ, है, लेकिन सरकारी आंकड़ों को देखें तो सिर्फ 21 मामले दर्ज हैं। हालात यह है कि श्मशान में लाशों को जलाने के लिए चिता तो कम पड़ ही रही ही है लेकिन अब अंतिम संस्कार के बाद चिता राख का ढेर अब बड़े टीले में तब्दील हो रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार अकेले भदभदा विश्राम घाट में कोरोना मरीजों की चिता से बीते दस दिनों में दो डम्फर राख इकठ्ठा हुई है, जिसे डिस्पोज करना शमशान प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ है। भोपाल के भदभदा घाट की यह तस्वीरें आपको विचलित कर सकती है, जहां दर्जनों चिताएं 24 घंटे जल रही है। वहीं इन चिताओं की राख का ढेर बड़ा होता जा रहा है।