आर्थिक तंगी से हलाकान शिक्षाकर्मी सहपरिवार बैठे हड़ताल पर, पिछले 4 माह से नहीं मिला वेतन

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आर्थिक तंगी से हलाकान शिक्षाकर्मी सहपरिवार बैठे हड़ताल पर, पिछले 4 माह से नहीं मिला वेतन

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  • Publish Date - October 21, 2019 / 11:43 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:53 PM IST

गरियाबंद: जिले के सरकारी कर्मचारी खुलेआम सरकारी आदेशों की अवहेलना करने में लगे हुए हैं। दरसअल बीते ​दिनों पंचायत संचालनालय ने बुधवार को सभी जिला पंचायत को लिखित पत्र लिखकर शिक्षाकर्मियों का वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके जिले के शिक्षाकर्मियों को चार माह से वेतन का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस बात से नाराज शिक्षाकर्मी छुरा विकास खंड कार्यालय के सामने सह परिवार हड़ताल पर बैठ गए हैं। ज्ञात हो कि बीते दिनों इलाके के शिक्षाकर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांग नहीं सुनी गई तो वे परिवार सहित धरने पर बैठ जाएंगे।

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मिली जानकारी के अनुसार जिले के छुरा ब्लॉक के शिक्षाकर्मियों को पिछले चार माह का वेतन नहीं मिलने से वे हलाकान हैं। अब आलम ऐसा है कि आर्थिक तंगी के चलते कर्मचारी अधिकारियों से वेतन की मांग करने लगे हैं। वहीं, शिक्षाकर्मियों ने 19 अक्टूबर तक वेतन न मिलने पर दी आंदोलन चेतावनी दी थी। इसके बाद वे आज सोमवार को परिवार सहित धरने पर बैठ गए हैं।

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गौरतलब है कि पंचायत संचालनालय ने बीते बुधवार को ही सभी जिला पंचायत को लिखित पत्र लिखकर शिक्षाकर्मियों का वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है। अपने पत्र में पंचायत विभाग के संचालक जितेन्द्र शुक्ला ने पत्र के माध्यम से जिला पंचायतों के सीईओ को निर्देशित किया है कि जिन-जिन मांग संख्याओं में जिला पंचायत को राशि आबंटित की गई है, उन सभी मांग संख्याओं की राशि का आहरण और भुगतान करें। शिक्षाकर्मियों के वेतन के लिए शासन द्वारा राशि अनुदान के रूप में दी जाती है।

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संचालक, पंचायत ने पत्र में जानकारी दी है कि शिक्षाकर्मियों के वेतन भुगतान के संबंध में विभाग द्वारा पूर्व में भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। परंतु कुछ जिला पंचायतों द्वारा इसका पालन नहीं किया जा रहा है। जिला पंचायतों द्वारा पर्याप्त बजट होने के बाद भी भुगतान न कर अनावश्यक रूप से अलग-अलग मांग संख्या में बजट मांगा जाता है जो कि उचित नहीं है। उन्होंने शिक्षाकर्मियों के वेतन भुगतान के संबंध में विभागीय निर्देशों का कड़ाई से पालन करने कहा है।

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