रांची, 29 अगस्त (भाषा) झारखंड के 24 में से 11 जिलों में इस साल औसत से कम बारिश हुई। इनमें भी पाकुड़ में स्थिति सबसे खराब है और औसत से 54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह जानकारी शनिवार को एक अधिकारी ने दी।
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बारिश में कमी की वजह ‘अल नीनो और स्थानीय घटनाओं सहित कई कारणों से बारिश का असमान स्थिति’ है।
अल नीनो की पहचान मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के असामान्य रूप से गर्म तापमान से होती है।
आनंद ने कहा कि झारखंड में कुल बारिश की कमी 10 प्रतिशत है, जो सामान्य श्रेणी में आती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बारिश में 19 प्रतिशत का अंतर सामान्य माना जाता है।
आईएमडी की बुलेटिन के मुताबिक, राज्य में एक जून से 28 अगस्त के बीच 698 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 778.3 मिमी है।
पाकुड़ के बाद देवघर में 48 प्रतिशत, कोडरमा में 40 प्रतिशत, गढ़वा और गिरिडीह में 37-37 प्रतिशत, गोड्डा में 31 प्रतिशत और हजारीबाग में 30 प्रतिशत बारिश की कमी रही।
बुलेटिन के अनुसार, छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें से पश्चिमी सिंहभूम में शुक्रवार तक 42 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि सात अन्य जिलों में सामान्य बारिश दर्ज की गई।
आनंद ने हालांकि उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में आंकड़ों में सुधार हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड में पांच सितंबर तक अच्छी बारिश होने की उम्मीद है और राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है।’’
मौसम विभाग ने 29 अगस्त से एक सितंबर के बीच कई जिलों में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और भारी बारिश के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है।
बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पूर्वी जिले दुमका, देवघर, जामताड़ा और गिरिडीह, दक्षिण-पूर्वी जिले पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां और आसपास के मध्य जिले धनबाद में शनिवार को भारी बारिश होने की संभावना है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल