देश में कोविड-19 के 14,545 नए मामले, 163 और लोगों की मौत

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देश में कोविड-19 के 14,545 नए मामले, 163 और लोगों की मौत

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  • Publish Date - January 22, 2021 / 07:08 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:09 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) भारत में कोविड-19 के 14,545 नए मामले सामने आने के बाद शुक्रवार को देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,06,25,428 हो गई, जिनमें से 1,02,83,708 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वायरस से 163 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,53,032 हो गई।

आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,02,83,708 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 96.78 प्रतिशत हो गई है। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है।

देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार तीन दिन से दो लाख से कम बनी हुई है। अभी 1,88,688 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 1.78 प्रतिशत है।

भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी।

वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे।

भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 21 जनवरी तक कुल 19,01,48,024 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। उनमें से 8,00,242 नमूनों की जांच बृहस्पतिवार को की गई।

आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में जिन 163 लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 52, केरल के 21, पंजाब के 15, तमिलनाडु तथा छत्तीसढ़ के नौ-नौ, पश्चिम बंगाल तथा दिल्ली के आठ-आठ मरीज शामिल हैं।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से अभी तक कुल 1,53,032 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 50,634 , तमिलनाडु के 12,299, कर्नाटक के 12,187 , दिल्ली के 10,782 , पश्चिम बंगाल के 10,089 , उत्तर प्रदेश के 8,597 और आंध्र प्रदेश के 7,142 लोग थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं।

मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

भाषा निहारिका पवनेश

पवनेश