CBSE Three Language Policy: 9वीं-10वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर, सीबीएसई ने जारी की नई गाइडलाइन, पढ़िए

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CBSE Three Language Policy: CBSE ने सोमवार को अपनी थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के कार्यान्वयन के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए है।

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 02:20 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 03:18 PM IST

CBSE Three Language Policy/Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • CBSE ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर नई गाइडलाइन जारी करते हुए मौजूदा 10वीं बैच के विद्यार्थियों को तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा से छूट दी है
  • 2026-27 में पहले से 9वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों को एक बार की राहत दी गई है
  • CBSE ने पहले घोषणा की थी कि कक्षा 6 से चरणबद्ध तरीके से नई भाषा नीति लागू होगी और 2028 से नई व्यवस्था के तहत बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी

नई दिल्ली। CBSE Three Language Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को अपनी थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के कार्यान्वयन के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़ने से छूट दी गई है। कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों को एक बार की राहत देते हुए, सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि मौजूदा बैच को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन वे दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा पढ़ सकते हैं।

ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक महीने से अधिक पहले सीबीएसई (CBSE Three Language Policy) ने घोषणा की थी कि एक जुलाई से 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा। सीबीएसई के इस आदेश के खिलाफ कई विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था।

CBSE की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने कहा, ‘‘कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच को त्रि-भाषा नीति का पालन नहीं करना होगा। कक्षा सातवीं से नौवीं के मौजूदा बैच को कक्षा 10 में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘एक बार की राहत के रूप में वर्ष 2026-27 में पहले से 9वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी दो गैर-भारतीय (विदेशी) भाषाओं का अध्ययन जारी रख सकेंगे और उन्हें तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा अनिवार्य रूप से जोड़नी होगी।’’

CBSE Three Language Policy अप्रैल में, CBSE ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा छह से त्रि-भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और कक्षा नौवीं के वास्ते गणित तथा विज्ञान के लिए दो-स्तरीय प्रणाली शुरू करने की घोषणा की थी।

CBSE Three Language Policy प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों में पढ़ाया जाएगा-एक अनिवार्य मानक (स्टैंडर्ड) स्तर और दूसरा वैकल्पिक उन्नत (एडवांस्ड) स्तर। इसके तहत सभी विद्यार्थी 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे। हालांकि, जो विद्यार्थी अधिक दक्षता हासिल करना चाहते हैं, वे अतिरिक्त उन्नत (एडवांस्ड) स्तर की परीक्षा भी दे सकेंगे। इस परीक्षा का उद्देश्य विषय की गहन वैचारिक समझ और उच्च स्तर की विश्लेषणात्मक एवं तार्किक सोच का आकलन करना होगा।

CBSE ने कहा था कि दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) नयी व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा वर्ष 2026-27 में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए होगी। हालांकि, 15 मई को बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थी ऐसा तभी कर सकेंगे, जब वे कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन कर चुके हों। ऐसे में विदेशी भाषा या तो तीसरी भाषा के रूप में चुनी जा सकेगी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ी जा सकेगी।

 

 

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क्या सभी 10वीं के छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा से छूट मिली है?

नहीं। यह राहत केवल मौजूदा 10वीं बैच के लिए है। उन्हें तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।

9वीं के छात्रों के लिए नया नियम क्या है?

2026-27 में पहले से 9वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों को एक बार की राहत दी गई है। वे दो विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन उन्हें एक भारतीय भाषा भी अनिवार्य रूप से शामिल करनी होगी।

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी क्या है?

इस नीति के तहत विद्यार्थियों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होता है, जिनमें भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा कब होगी?

CBSE के अनुसार, दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। क्या गणित और विज्ञान में भी बदलाव किया गया है?

क्या गणित और विज्ञान में भी बदलाव किया गया है?

हां। CBSE ने गणित और विज्ञान के लिए स्टैंडर्ड और एडवांस्ड स्तर की दो-स्तरीय प्रणाली लागू करने की योजना भी घोषित की है।