Ali Khamenei Funeral News : Image Credit : X
Ali Khamenei Funeral News: नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम 4 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 9 जुलाई तक चलेगा। ईरान की तरफ से चार दिवसीय राजकीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजा गया था, लेकिन पीएम मोदी का विदेश दौरा पहले से तय है। ऐसे में बार-बार सवाल उठ रहा था कि, खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारत की तरफ से कौन शामिल होगा? इस सवाल का जवाब अब सामने आ चूका है।
बता दें कि, पीएम मोदी का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का विदेश दौरा पहले से तय है। इस कारण वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे। (Ali Khamenei Funeral News) ऐसे में भारत की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा को इस कार्यक्रम में भारत के प्रतिनिधित्व के लिए चुना गया है।
Bihar Governor Lt Gen Syed Ata Hasnain and Minister of State for External Affairs, Pabitra Margherita, to attend funeral ceremony of Supreme Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei on behalf of the Indian government: Iranian Sources
— ANI (@ANI) June 29, 2026
Ali Khamenei Funeral News: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के सम्मान में अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होंगे, जिसमें ये दोनों नेता भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। ईरानी मीडिया के अनुसार, 4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 6 और 7 जुलाई को तेहरान और धार्मिक शहर कोम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। 9 जुलाई को अंतिम कार्यक्रम ईरान के पवित्र शहर मशहद में होगा, जहां खामेनेई को शिया मुसलमानों के आठवें इमाम इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को तेहरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में होने की बात कही गई थी। (Ali Khamenei Funeral News) क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण उनके अंतिम संस्कार में देरी हुई। अब करीब 116 दिन बाद उनका राजकीय अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
Ali Khamenei Funeral News: खामेनेई करीब 36 साल तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे। 86 साल की उम्र में उनकी मौत के बाद ईरान में सत्ता परिवर्तन हुआ और मार्च में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया।
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