जल जीवन मिशन के तहत गड़बड़ियों की 18,790 शिकायतें मिलीं : सरकार
जल जीवन मिशन के तहत गड़बड़ियों की 18,790 शिकायतें मिलीं : सरकार
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) सरकार ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजना जल जीवन मिशन के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय गड़बड़ियों एवं काम की खराब गुणवत्ता की 18,790 शिकायतें मिलीं तथा 635 अधिकारियों के अलावा 1,020 ठेकेदारों और 155 ‘थर्ड पार्टी’ निरीक्षण एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक के एक सवाल के लिखित जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा कि ये शिकायतें अलग-अलग स्रोतों से मिलीं, जिनमें मीडिया रिपोर्ट, स्वत: संज्ञान लेना, जन प्रतिनिधियों, नागरिकों और शिकायत पोर्टलों से मिली जानकारी शामिल है।
सोमन्ना ने कहा कि पेयजल राज्य का विषय है, इसलिए जल जीवन मिशन के तहत पानी की आपूर्ति की योजनाएं बनाने, उन्हें मंजूरी देने, कार्यान्वयन और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों की है। केंद्र सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता देती है।
उन्होंने कहा कि गड़बड़ियों में शामिल विभागीय अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है, जिसमें तय प्रक्रियाओं के अनुसार निलंबन, विभागीय जांच और आरोपपत्र जारी करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के खिलाफ की गई कार्रवाई में उन्हें काली सूची में डालना, ठेका खत्म करना, काम से रोकना, धरोहर राशि जब्त करना और जुर्माना लगाना शामिल है।
मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय नोडल अधिकारियों और तकनीकी टीमों के माध्यम से चुनिंदा योजनाओं का जमीनी सत्यापन किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में तकनीकी डिजाइन, वित्तीय औचित्य, काम की गुणवत्ता, कार्यान्वयन प्रगति और शिकायतों से जुड़े मुद्दों का सत्यापन शामिल था।
सोमन्ना ने कहा कि केंद्रीय नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट का विश्लेषण कर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया गया ताकि सुधारात्मक उपाय किए जा सकें।
मंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन (जेजेएम 2.0) के तहत बढ़े हुए बजट और पुनर्गठित कार्यान्वयन ढांचे के साथ मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि 15 जुलाई 2026 तक 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.89 करोड़ से अधिक, यानी 82 प्रतिशत परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा चुका था।
भाषा अविनाश सुभाष
सुभाष

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