जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने से 2,000 नौकरियां खतरे में, कई विभाग प्रभावित

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जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने से 2,000 नौकरियां खतरे में, कई विभाग प्रभावित

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 08:28 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 08:28 PM IST

रांची, 18 अगस्त (भाषा) झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के कारण 2,000 से अधिक कर्मचारियों पर नौकरी गंवाने का खतरा मंडरा रहा है और कई विभागों एवं कार्यालयों का कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल कई उम्मीदवार दिसंबर 2025 के बाद ही सरकारी सेवा में शामिल हो चुके थे और उन्हें वित्त, गृह, सड़क परिवहन, श्रम, सूचना एवं जनसंपर्क सहित विभिन्न विभागों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में तैनात किया गया था।

भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच सोमवार देर रात जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की राज्य सरकार की घोषणा के बाद विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने धुर्वा स्थित राज्य सचिवालय परियोजना भवन के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन किया।

परीक्षा रद्द किए जाने के कारण कई कार्यालयों में कर्मचारियों की उपलब्धता और नवनियुक्त कर्मचारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के जारी रहने को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

राजधानी रांची में मंगलवार को फैसले का असर साफ दिखाई दिया, जहां बड़ी संख्या में प्रभावित कर्मचारी झारखंड सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों के बाहर इकट्ठा हुए। उन्होंने मांग की कि सरकार पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने और सभी सफल अभ्यर्थियों की सेवाएं समाप्त करने के बजाय दोषी लोगों की पहचान करे।

सहायक अनुभाग अधिकारी कौशल कुमार ने कहा, “हमें हमारा अपराध बताइए। हमें नौकरी से बाहर मत कीजिए।”

खूंटी में श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद पर नियुक्त आशीष मिंज ने कहा कि सरकार के इस फैसले ने उन अभ्यर्थियों का करियर बर्बाद कर दिया है, जिन्होंने सरकारी नौकरी मिलने के बाद अपनी पिछली नौकरी छोड़ दी थी।

मिंज ने कहा, “(श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद पर) नियुक्ति से पहले मैंने 2019 से 2022 तक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में विकास अधिकारी के रूप में काम किया। इसके बाद जनवरी 2026 तक मैं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में कार्यरत रहा।”

मिंज ने कहा कि उन्होंने नौकरी करते हुए परीक्षा की तैयारी की और निर्धारित चयन प्रक्रिया के जरिये इस पद पर नियुक्ति हासिल की।

सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ) प्रिंस प्रियदर्शी ने कहा कि एएसओ, अंचल निरीक्षक, प्रखंड आपूर्ति अधिकारी, प्रखंड कल्याण अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, योजना सहायक और कनिष्ठ सचिवालय सहायक समेत विभिन्न पदों पर नियुक्त अभ्यर्थी अदालती कार्यवाही के बाद सेवा में शामिल हुए थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया।

हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई अधिसूचना या बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के आधार पर नियुक्त करीब 2,000 कर्मचारियों की नौकरी के अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के जरिये हुई करीब 1,000 नियुक्तियां खतरे में हैं।

अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है और कहा है कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं, तो कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।

भाषा पारुल वैभव

वैभव