बंगाल की 30 फीसदी आबादी के ही हितों के प्रति संवेदनशील हैं राज्य की मुख्यमंत्री: विजयवर्गीय

बंगाल की 30 फीसदी आबादी के ही हितों के प्रति संवेदनशील हैं राज्य की मुख्यमंत्री: विजयवर्गीय

बंगाल की 30 फीसदी आबादी के ही हितों के प्रति संवेदनशील हैं राज्य की मुख्यमंत्री: विजयवर्गीय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: January 24, 2021 10:47 am IST

कोलकाता, 24 जनवरी (भाषा) भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में ‘जय श्री राम’ का नारा लगने के बाद भाषण देने से इंकार कर दिया क्योंकि वह जनता के एक हिस्से का तुष्टिकरण करना चाहती हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य की नौ करोड़ जनता में से महज 30 फीसदी लोगों की जरुरतों और हितों के प्रति संवेदनशील हैं।

उन्होंने जलपाईगुड़ी में पत्रकारों से कहा, ‘‘जय श्री राम, लोगों के साथ दुआ-सलाम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने पर और नेताजी अनुसंधान ब्यूरो से उनके प्रस्थान करने के दौरान यह नारा लगाया गया। ममता दीदी ने अपमानित क्यों महसूस किया? जय श्री राम या भारत माता की जय सुनकर वह क्यों नाखुश हो गईं?’’

बनर्जी का यह कदम ‘‘राज्य के 30 प्रतिशत मतदाताओं की तुष्टिकरण के लिए होने’’ की बात पर जोर देते हुए भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी विजयवर्गीय ने कहा, ‘‘शेष 70 प्रतिशत आबादी के लिए हमेशा अनदेखी की जाती रही है।’’ राज्य की 30 प्रतिशत आबादी अल्पसंख्यक, विशेष रूप से मुसलमान है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अगले चुनाव में बंगाल की जनता उन्हें उचित जवाब देगी।’’

भाषा अर्पणा सुभाष

सुभाष


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