जम्मू में 31 कॉलोनी नियमित की गईं, प्रक्रिया पर अब उच्च न्यायालय ने रोक लगाई: उमर अब्दुल्ला

जम्मू में 31 कॉलोनी नियमित की गईं, प्रक्रिया पर अब उच्च न्यायालय ने रोक लगाई: उमर अब्दुल्ला

जम्मू में 31 कॉलोनी नियमित की गईं, प्रक्रिया पर अब उच्च न्यायालय ने रोक लगाई: उमर अब्दुल्ला
Modified Date: February 11, 2026 / 04:38 pm IST
Published Date: February 11, 2026 4:38 pm IST

जम्मू, 11 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जम्मू में आवासीय कॉलोनी के नियमितीकरण की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी और जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने पहले ही 31 कॉलोनी को नियमित कर दिया था, लेकिन बाद में उच्च न्यायालय ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शाम लाल शर्मा द्वारा अवैध कॉलोनी के नियमितीकरण पर उठाए गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में आवास एवं शहरी विकास विभाग का प्रभार संभाल रहे अब्दुल्ला ने कहा कि कॉलोनी का नियमितीकरण 1974 और 2009 के बीच जारी विभिन्न सरकारी आदेशों के साथ-साथ 2010 में अदालत द्वारा पारित निर्देशों के अनुसार किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू में आवासीय कॉलोनी के नियमितीकरण की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी और जेडीए 31 कॉलोनी को पहले ही नियमित कर चुका है। हालांकि, बाद में उच्च न्यायालय ने उक्त प्रक्रिया पर रोक लगा दी।’’

जम्मू में नयी आवासीय कॉलोनी की स्थापना की योजनाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू विकास प्राधिकरण, श्रीनगर विकास प्राधिकरण और जम्मू-कश्मीर आवास बोर्ड सहित विभिन्न एजेंसियों द्वारा अपने-अपने बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद स्व-वित्तपोषण मोड या सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से भूमि आवंटन के बाद नयी कॉलोनी का विकास किया जाएगा।

जानीपुर आवासीय कॉलोनी की स्थिति स्पष्ट करते हुए सरकार ने कहा कि कॉलोनी की स्थापना 1973 में हुई थी और इसे जम्मू विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया था, भूखंडों का आवंटन समुचित तरीके से किया गया था और इसलिए नियमितीकरण की कोई आवश्यकता नहीं थी।

अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू नगर निगम ने नगर निगम अधिनियम, 2000 और भवन उपनियमों के प्रावधानों के तहत चूककर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है।

भाषा सुरभि सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में